- आसपास के सैकड़ों गांव हैं छोइया से प्रभावित
- गांव में नालियां पानी चलने के बाद हो जाती हैं पीली
- छोइया के प्रदूषित पानी से लोग बीमार, प्रदूषण विभाग नहीं करता कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। छोइया नदी कभी स्वच्छ पानी का स्रोत थी, लेकिन अब फैक्टरियों के केमिकल ने उसे प्रदूषित कर दिया है। इतना ही नहीं आसपास के सैकड़ों गांव छोइया से प्रभावित हैं। छोइया से सटे गांवों में पिछले 15 साल में 40 लोगों की कैंसर से मौत हो चुकी है। इसके बावजूद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी फैक्टरी पर कार्रवाई करने को तैयार नहीं हैं।
छोइया में बह रहा फैक्ट्रियों का प्रदूषित पानी कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का कारण बनकर सामने आ रहा है। छोइया के पास लगी फैक्टरी से निकलने वाला केमिकल युक्त पानी इसमें ही डाला जा रहा है। जिससे आसपास के क्षेत्र का भूजल बिगड़ गया है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि जब गांव की नालियों में पानी चलता है तो उसके बाद नालियां पीली हो जातीं हैं। गांव में गहरी टंकियां लगाने के बाद लोगों को साफ पानी मिल रहा है। सैकड़ों गांव इससे प्रभावित हैं, जबकि करीब 50 गांवों में बीमारी तेजी से फैल रही है।
गांव अगरी में 12, हादरपुर में आठ, जलालपुर में चार, छोइया नंगली में छह, शाहपुर लाल में चार, आसपुर नवादा में चार लोगों की मौत कैंसर से हो चुकी है। इसके अलावा सुंदरपुर, सिंकदरी और जलीलपुर ब्लॉक के गांवों में भी कैंसर से मौत हुई है।
- क्षेत्र के लोगों का क्या कहना है
2012 से कैंसर लोगों को चपेट में ले रहा : निपेंद्र देशवाल
अधिवक्ता निपेंद्र देशवाल का कहना है कि साल 2012 के आसपास छोइया से सटे गांवों में कैंसर लोगों को अपनी चपेट में ले रहा था। जिससे करीब 40 लोगों की कैंसर से मौत भी हो चुकी है। हैंडपंपों से भी लाल, पीला और प्रदूषित पानी निकलता है।
- खेती करना भी हो गया दूभर : सुमित
सुंदरपुर निवासी सुमित कुमार का कहना है कि छोइया से पीने का पानी प्रदूषित हो गया है। इसके अलावा खेती करना दूभर हो गया है। इस दूषित पानी से पशु भी प्रभावित हो रहे हैं।
- गांव में हर समय धुआं उड़ने से आंखों की परेशानी बढ़ी : हिमांशु
नवादा निवासी हिमांशु देशवाल ने कहा कि छोइया नदी से गांव का पानी तो प्रदूषित हुआ ही है। हमारे गांव की हवा प्रदूषित हो चुकी है। गांव में 24 घंटे छाई और धुआं रहता है, जिससे लोगों की आंखों को क्षति हुई है।
- गांव के अधिकांश लोग दूषित पानी पीने को बाध्य : दिनकर
नवादा निवासी दिनकर ने बताया कि दूषित पानी से बचने के लिए समृद्ध लोगों ने आरओ का इंतजाम कर लिया है। लेकिन अधिकांश लोग उसकी दूषित पानी को पी रहे हैं। जिससे पेट संबंधी बीमारी हर दूसरे व्यक्ति को आम हो गई है।
- वर्जन: छोइया नदी के नमूने लेकर जांच की जाती है। शिकायत के आधार पर फैक्टरी की भी जांच की गई है। लेकिन फैक्टरी में ईटीपी प्लांट चलता मिला। जिससे दूषित पानी को स्वच्छ किया जा रहा है। आगे भी जांच की जाएगी। - विजय कुमार, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, बिजनौर