जॉनी के पत्र को विवेचना में शामिल करेगी पुलिस
बढ़ापुर(बिजनौर)। जॉनी के बैग से मिले पत्र को पुलिस विवेचना में शामिल करेगी। इस पत्र को किसी को नहीं दिखाया गया है। केवल अफसरों ने ही पत्र को पढ़ा है।
प्रभारी निरीक्षक कृपाशंकर सक्सेना ने बताया कि बैग से मिले पत्र को सरसरी तौर पर देखने पर लगता है कि मृतक जॉनी ने अपने द्वारा किए गए कृत्य को गलत बताते हुए इसे उसकी विवशता बताया है। जॉनी के जरूरी दस्तावेज इस केस के विवेचक को सौंपे जाएंगे। जॉनी के बैग से एक काले रंग की जींस, एक स्काई ब्लू शर्ट, एक सेंडो बनियान, एक पुराना कंघा, एक सैमसंग का मोबाइल फोन मय चार्जर, पेन कार्ड, चार अक्तूबर का एक हरिद्वार से नगीना तक का रेलवे टिकट, दिल्ली मेट्रो रेल का यात्रा कार्ड, एक पर्स व उसमें रखे गए 67 रुपये की धनराशि मिली है। जॉनी का भाई रंजीत देहरादून में किसी कंपनी में नौकरी करता है। एक शादीशुदा बहन है। जॉनी के पिता सुभाष गन्ना समिति धामपुर से लिपिक पद से करीब एक वर्ष पूर्व सेवानिवृत्त हुए हैं। माता का करीब दो माह पूर्व लंबी बीमारी के बाद देहांत हो गया था। अश्वनी उर्फ जॉनी के साथ मोहल्ले के ही भीम सिंह कश्यप के पुत्र राहुल व भतीजे कृष्णा से एक वर्ष पूर्व विवाद हो गया था। तभी से जॉनी के भीतर इनसे बदला लेने की भावना घर कर गई थी। जॉनी ने 26 सितंबर को राहुल व कृष्णा की हत्या कर दी। जॉनी ने आदित्य राजपूत के नाम से अपनी फेसबुक आईडी बना रखी थी। जॉनी फेसबुक पर व टिकटोक पर भी अपने खतरनाक इरादे जताता रहता था।