फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पुलिस कस्टडी रिमांड का प्रार्थना पत्र निरस्त

विज्ञापन
विज्ञापन
पुलिस कस्टडी रिमांड का प्रार्थना पत्र निरस्त
विज्ञापन

बिजनौर। सीजेएम दिलीप कुमार सचान ने रचित हत्याकांड में पुलिस द्वारा तीन दिन का पुलिस कस्टडी रिमांड मांगे जाने के प्रार्थना पत्र को निरस्त कर दिया है। थाना हल्दौर पुलिस के प्रभारी निरीक्षक सुनील कुमार ने रचित हत्याकांड में जेल में बंद आरोपी शारिक, शादाब, शहबर, शहजान व आसिफ का तीन दिन का पुलिस कस्टडी रिमांड मांगा था।
उन्होंने अपने प्रार्थना पत्र में कहा था कि सभी आरोपी जेल में हैं। मुकदमे की विवेचना के दौरान हत्या की साजिश करने वाले व हत्या में अन्य तरीके से सहयोग करने वालों के नाम प्रकाश में आए हैं। जेल में बंद आरोपी व गवाहों के बयानों से ऐसा प्रतीत होता है कि आरोपियों ने अपने बयान में कुछ तथ्यों को छिपाया है। इस कारण इस हत्या के षड्यंत्र में अन्य व्यक्तियों के शामिल होने से इंकार नहीं किया जा सकता है। आरोपियों के बयानों के क्रॉस चेकिंग, हथियार प्राप्ति के स्रोत व धन प्राप्ति के स्रोत का पता लगाने के लिए उन्हें तीन दिन के लिए पुलिस कस्टडी रिमांड में दिया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन

आरोपियों के अधिवक्ता की ओर से कहा गया कि आरोपियों पर तमंचे बरामद दिखाकर चालान किया गया है। जुर्म कबूल करने के लिए उन पर थर्ड डिग्री भी इस्तेमाल हुआ है। पुलिस का इरादा भीड़ इकट्ठी कर पुलिस कस्टडी से उन्हें फरार दिखाकर उनका एनकाउंटर करने का है। इसलिए उन लोगों को पुलिस कस्टडी रिमांड में न सौंपा जाए। इस मामले में सीजेएम ने उपलब्ध साक्ष्य व कागजात के अवलोकन के बाद अपने आदेश में लिखा है कि प्रस्तुत मामले में सिर्फ पूछताछ का प्रश्न ही अंतरनिहित है। जिला कारागार में जाकर विवेचक द्वारा पूछताछ की जा सकती है। इन मामलों के तथ्यों व परिस्थितियों को देखते हुए पुलिस कस्टडी रिमांड स्वीकार किए जाने का पर्याप्त व उचित आधार नहीं है। इसलिए पुलिस का प्रार्थना पत्र निरस्त किया जाता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें