बिजनौर। शामली के थानाभवन से बिजनौर तक पीएनजी की पाइप लाइन बिछाने का काम किया जा रहा है। करीब 70 किमी की दूरी में पाइप लाइन जा चुकी है। बाकी 38 किमी की दूरी में पाइप लाइन बिछाने के लिए वन विभाग की एनओसी का इंतजार है। हालांकि कंप्रेशर यूनिट बनाकर एक हजार घरों की रसोई तक पिछले चार महीने से गैस की आपूर्ति की जा रही है।
एचपीसीएल ने बिजनौर के वेयर हाऊस में डीसीयू (कंप्रेशर यूनिट) स्थापित करते हुए 12 मोहल्लों में गैस की आपूर्ति चालू कर दी थी। एक और कंप्रेशर यूनिट रॉयल कैसल बैंक्वेट हाल के पास लग रही है। जिसे अगले सप्ताह चालू कर दिया जाएगा। बता दें कि कंप्रेशर यूनिट में बड़े सिलिंडर के जरिए पीएनजी गैस लाकर स्टॉक की जाती है। फिर कंप्रेशर यूनिट से शहर में बनी पाइप लाइन के जरिए लोगों की रसोई तक आपूर्ति किया जाता है। कंप्रेशर यूनिट से आपूर्ति की जाने की वजह से प्रति यूनिट गैस का दाम 57 रुपये चल रहा है।
उधर कंप्रेशर यूनिट के विकल्प को खत्म करने के लिए थानाभवन से बिजनौर तक पाइप लाइन बनाई जा रही है। जिसमें 70 किमी की दूरी में पाइप लाइन बनाई जा चुकी है। कुल 108 किमी लंबी पाइप लाइन बननी है। बाकी बची पाइप लाइन काम वन विभाग की एनओसी मिलने की बाद होगा क्योंकि हस्तिनापुर वन्य जीव अभ्यारण्य होने की वजह से पाइप लाइन बिछाने के लिए एनओसी लेना जरुरी है। पाइप लाइन बिजनौर पहुंचते ही कंप्रेशर यूनिट से निर्भरता खत्म होगी तो गैस का दाम भी दस से 12 रुपये कम हो जाएगा।
फिलहाल 11 हजार कनेक्शन हो चुके हैं। जबकि शहर में करीब 29 हजार घर हैं। जिनमें एक चालू है। इसी यूनिट से करीब एक हजार घरों में गैस की आपूर्ति की जा रही है।