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फार्मासिस्ट के हवाले आयुर्वेदिक चिकित्सालय

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बिजनौर। कोरोना काल में लोगों ने आयुर्वेद को खूब अपनाया। विभिन्न प्रकार के काढ़े एवं अन्य औषधियों को कोरोना से बचाव के लिए प्रयोग किया, लेकिन जिले में आयुर्वेदिक चिकित्सा की स्थिति बेहद ही खराब है। अफसरों की मानें तो इन चिकित्सालयों में औषधियां तो उपलब्ध हैं, लेकिन चिकित्सकों का टोटा है। शासन की ओर से 22 चिकित्सकों के पद स्वीकृत हैं, लेकिन वर्तमान में14 चिकित्सक ही कार्यरत हैं। ज्यादातर चिकित्सालय फार्मसिस्ट के हवाले है।
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जनपद में कुल 20 राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय संचालित हैं। क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डा. इसमपाल के अनुसार वर्तमान में चल रही कोरोना महामारी के कारण इन चिकित्सालयों में मरीजों की संख्या पहले की अपेक्षा लगभग आधी है। उन्होंने बताया कि सामान्य दिनों में ओपीडी में प्रतिदिन जिला मुख्यालय और ग्रामीण इलाकों के चिकित्सालयों में करीब 60 से 70 मरीज तक अस्पताल आते हैं, लेकिन अब यह संख्या आधे को भी नहीं छू पा रही है। जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डा. इसमपाल ने बताया कि जिले के विभिन्न आयुर्वेदिक चिकित्सालयों में शासन से लगभग 22 चिकित्सकों के पद स्वीकृत हैं। वर्तमान में इनके सापेक्ष मात्र 14 चिकित्सक ही कार्यरत हैं। इसके अलावा अन्य चिकित्सालय फार्मासिस्ट के हवाले हैं।
इन चिकित्सालयों में कार्यरत हैं चिकित्सक
राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय धामपुर में दो, राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय नगर बिजनौर, अफजलगढ़, मंडावर, कोटकादर, भोगली, गंजदारानगर, फतेहपुर आकू, उदयपुर, जटपुरा महावतपुर, नरावली में एक-एक चिकित्सक ही कार्यरत है।
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फार्मासिस्ट के कंधों पर है चिकित्सालयों का भार
किरतपुर, भागूवाला, मोहम्मदपुर राजौरी, चकराजमल, पैजनियां, बरुकी, हरेवली आदि चिकित्सालय फार्मासिस्ट के सहारे चल रहे हैं। जिला आयुर्वेदिक अधिकारी ने बताया कि बिजनौर जनपद ही नहीं, अपितु पूरे प्रदेश में ही चिकित्सकों का टोटा है। हर चिकित्सालय में चिकित्सकों की उपलब्धता कराने के लिए वे नियमित रूप से शासन को रिपोर्ट भेजते हैं।
विवेक आयुर्वेदिक महाविद्यालय में अध्ययनरत हैं 400 छात्र-छात्राएं
बिजनौर। जिला मुख्यालय पर ही विवेक कॉलेज परिसर में विवेक आयुर्वेदिक कॉलेज एवं हॉस्पिटल वर्ष 2015 से संचालित है। कॉलेज के चेयरमैन अमित गोयल के अनुसार वर्तमान में करीब 400 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। कॉलेज में लगभग 50 प्रोफेसर, रीडर और चिकित्सक कार्यरत हैं। इनकी देखरेख में मरीजों का इलाज किया जा रहा है और छात्र-छात्राओं को शिक्षा प्रदान की जा रही है।
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