ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने से बाज नहीं आ रहे चालक
बिजनौर। जिले में लोग यातायात नियमों का उल्लंघन करने से बाज नहीं आ रहे हैं। इससे ऐसा प्रतीत होता है कि मानो यहां के लोगों को हर्जाना भरना तो स्वीकार है, लेकिन वे यातायात नियमों का पालन करना मानो अच्छा नहीं समझते। उप संभागीय परिवहन कार्यालय से प्राप्त आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2019 में जिले में करीब साढ़े पांच हजार लोगों ने यातायात नियमों का पालन नहीं किया। इनमें लगभग चार हजार 586 दोपहिया वाहन चालकों के बिना हेलमेट के चालान किए गए और करीब 950 चौपहिया वाहन चालकों ने वाहन संचालन के दौरान सीट बेल्ट का इस्तेमाल नहीं किया। इसके अलावा अन्य वाहन चालकों से विभिन्न प्रकार से यातायात नियमों की अनदेखी करने पर लगभग सवा करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया।
अपने साथ-साथ सड़क पर चलने वाले हर व्यक्ति के जीवन की सुरक्षा करने के लिए यातायात नियमों का पालन कर ही सभी को वाहनों का संचालन करना चाहिए, लेकिन जिले में लोग यातायात नियमों को ताक पर रखकर वाहन चलाने से बाज नहीं आ रहे हैं। समय-समय पर एआरटीओ और पुलिस के कार्रवाई करने के बावजूद यहां के लोग नियमों को तोड़ने की मानो आदत सी बन गई है। इस कारण वे नियम तोड़ने से बाज नहीं आते। आमतौर पर लोग नियमों का पालन कार्रवाई का भय होने की वजह से करते हैं। अधिकांश लोग या तो हेलमेट और सीट बेल्ट का प्रयोग नहीं करते या फिर अपने घरों से हेलमेट तो लेकर चलते हैं, लेकिन संचालन के दौरान सिर पर हेलमेट लगाने में शर्म महसूस करते हैं। वे या तो स्वयं के हाथों में लटकाकर या फिर पीछे बैठे दूसरे यात्री के हाथों में हेलमेट थमाकर वाहनों का संचालन करते हैं। ऐसा करना नियम विरुद्ध तो है ही जानलेवा भी होता है। एआरटीओ प्रशासन प्रणव झा ने बताया कि साल 2019 में हेलमेट न लगाने पर चार हजार 586 और सीट बेल्ट न लगाने वाले लगभग 950 वाहन चालकों के चालान किये गए। इसके अलावा करीब सवा करोड़ रुपये वाहन चालकों से जुर्माने के रूप में राजस्व वसूली की गई। उन्होंने बताया कि आगे भी लोगों को नियमों का पालन कराने के लिए आगे भी लगातार अभियान जारी रहेंगे।