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भवन निर्माण सामग्री महंगी होने से नागरिक परेशान

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भवन निर्माण सामग्री महंगी होने से लोग परेशान
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नजीबाबाद। भवन निर्माण सामग्री लगातार मंहगी होने से नागरिक परेशान हैं। बरसात का सीजन शुरू होते ही निर्माण सामग्री पर महंगाई की मार पड़ने लगी है। एक सप्ताह के भीतर ईंट के दामों में दो से चार सौ रुपये प्रति हजार ईंट बढ़ोत्तरी हुई है।
लॉकडाउन से उत्पन्न आर्थिक चुनौतियां जल्द सामान्य होतीं नजर नहीं आ रहीं। लगातार महंगाई बढ़ने से आम जनजीवन प्रभावित है। निर्माण सामग्री से जुड़े लोगों और भवन निर्माण कराने वालों के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।
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अनलॉक-1 शुरू होने के बाद से भवन निर्माण तथा अन्य कारोबार शुरू हुए। भवन निर्माण सामग्री जून के प्रथम सप्ताह के बाद से लगातार महंगी हो रही है। जून के प्रथम सप्ताह में ईंट के दाम 4500 से 4800 रुपये प्रति हजार थे। लगातार ईंट के दामों में बढ़ोत्तरी होने और हाल ही में हुई वर्षा के बाद भट्ठा स्वामियों ने ईंट के दामों में 200 से 400 रूपए प्रति हजार की वृद्घि की है। वर्तमान में ईंट 5300 से 5600 रूपए प्रति हजार पहुंच चुकी हैं। भट्ठा स्वामियों का दावा है कि वर्षा होने के बाद ईंट के दामों में और भी वृद्धि होगी।
स्टोन क्रेशरों पर रेत और बजरी के मनमाने दाम वसूले जा रहे हैं। भवन निर्माण कार्य से जुड़े मोहम्मद सादिक, कैलाश चंद और रईस का कहना है कि स्टोन क्रेशरों और रेत बजरी का अवैध रूप से स्टॉक करने वाले खनन कारोबारियों द्वारा रेत और बजरी में मिलावट की जा रही है। रेत और बजरी के दामों पर कंट्रोल न होने से 80 रुपये से 120 रुपये प्रति कुंतल रेत बजरी बेची जा रही है। उधर सरिए के दामों में भी वृद्धि हुई है। जिससे भवन निर्माण करना आम नागरिकों के लिए चुनौती बन गया है।
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खान अधिकारी डा. रजंना सिंह का कहना है कि स्टोन क्रेशरों पर बाहर से खनन सामग्री आ रही है। रॉ मैटीरियल की गुणवत्ता पर खनन सामग्री निर्भर है। खान अधिकारी ने स्पष्ट किया कि किसी स्टोन क्रेशर और टाल आदि पर खनन सामग्री में मिलावट की शिकायत मिलती है तो कार्रवाई की जाएगी।
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