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या कुन्देन्दुतुषारहार धवला, या शुभ्र वस्त्रावृता ...

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बिजनौर में धर्मनगरी में बसंत पंचमी पर सजाई मा सरस्वती की प्रतिमा। - फोटो : BIJNOR
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या कुन्देन्दुतुषारहार धवला, या शुभ्र वस्त्रावृता ...
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बिजनौर/बेगावाला। वसंत पंचमी के पावन पर्व पर जिले भर में कार्यक्रम आयोजित हुए। ज्ञान की देवी मां सरस्वती का पूजन कर प्रसाद वितरित किया गया। कई स्थानों पर यज्ञ और भंडारे भी आयोजित हुए।
विष्णुलोक धार्मिक संस्थान में वीणा वादिनी मां सरस्वती का विशेष मंत्रों से पूजन किया गया। ज्योतिषविद पंडित ललित शर्मा ने विद्यार्थियों को रुद्राक्ष भेंट किए। उन्होंने बताया कि वसंत पंचमी का पर्व हर साल माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी को मनाया जाता है। वसंत पंचमी को स्वयं सिद्घि मुहूर्त घोषित किया गया है। इस दिन मां सरस्वती की पूजा, उपासना करने से ज्ञान व बुद्घि का विकास होता है व मां सरस्वती का आशीर्वाद मिलता है। इस दौरान पंडित सोमेश्वर दत्त, प्रवीण गर्ग, सीमा शर्मा, सुरेश गुप्ता, अभिलाष शर्मा आदि मौजूद रहे।
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बेगावाला क्षेत्र में बंगाली समाज के लोगों ने मंदिर में वाणी की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती की विधि विधान से पूजा अर्चना की। धर्मनगरी बंगाली कॉलोनी के लोगों ने बृहस्पतिवार सुबह वीणा वादिनी मां सरस्वती की पूजा अर्चना की। कलकत्ता के पंडित सुब्रत चक्रवर्ती में मंत्रोच्चार के साथ मां सरस्वती की पूजा कराई और हवन भी किया गया। जिसमें गांव के लोगों आहुतियां दीं। ग्रामीणों द्वारा 108 दीपक जलाए गए। पूजा अर्चना के बाद बच्चों को खेल खिलाए गए। धर्मनगरी निवासी मूर्तिकार नरेश अधिकारी ने बताया कि इस पर्व को बंगाली समाज के लोग पिछले 50 वर्षों से मनाते आ रहे हैं।
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