43 दिन में छह लाख बोतल, 67 लाख पव्वे पी गए लोग
बिजनौर। जिले में चुनाव हो चुका है और नतीजों का इंतजार है, लेकिन इस दौरान शराब पीने वालों की भी खूब मौज रही। आबकारी विभाग के शराब बिक्री के आंकड़े इस बात की तस्दीक करने के लिए काफी हैं। दरअसल, 43 दिनों में छह लाख बोतल, 67 लाख पव्वे और पांच लाख कैन बीयर की बिक्री हुई है। सिर्फ देशी शराब ही लोग 53.6 करोड़ की शराबी गटक गए हैं। अंग्रेजी शराब और बीयर की कीमत का आकलन करने में आबकारी विभाग जुटा हुआ है।
जिलेभर में 364 शराब की दुकानें हैं। राजस्व की बात करें तो साल 2021 में बिजनौर ने 650 करोड़ रुपये का राजस्व सरकार को सिर्फ आबकारी से ही दिया गया था। इस साल 743 करोड़ राजस्व की प्राप्ति का लक्ष्य रखा गया है। यह भारी भरकम राजस्व शराब की बिक्री से ही जाता है। हालांकि जेब ढीली कर अर्थव्यवस्था को राजस्व का सहारा देने वाले शराबी का तमगा समाज देता है। अब मुद्दे की बात करें तो चुनावी सीजन में शराब की खूब बिक्री हुई। जनवरी के महीने में भी दुकानों पर लंबी लाइनें लगी रहीं, जबकि फरवरी महीने में 12 तारीख तक भी खूब शराब बिकी। इन 43 दिनों की बात करें तो अंग्रेजी शराब की करीब छह लाख बोतल, देशी शराब के 67 लाख पव्वे और करीब पांच लाख बीयर की कैन बिकी हैं। सिर्फ देशी शराब की कीमत ही 53 करोड़ रुपये बैठ रही है। अंग्रेजी शराब की बोतल की कीमतें एक समान नहीं होतीं, इसलिए आकलन करना मुश्किल है। (संवाद)
बिक्री पर एक नजर...
माह अंग्रेजी देशी बीयर
जनवरी 383462 46 लाख 272045
फरवरी 203558 2058745 203805
नोट: अंग्रेजी शराब की गणना बोतल, देशी की गणना पव्वे और बीयर की गिनती कैन में की गई है। आंकड़े आबकारी विभाग से लिए गए हैं।
यह तो नहीं कहा जा सकता है कि चुुनाव की वजह से बिक्री बढ़ी है। लेकिन, बिक्री बढ़ी है। सर्दियों होने की वजह से भी शराब की बिक्री बढ़ जाती है। पिछले साल भी पांच सौ तीस करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था। इस बार लक्ष्य 743 करोड़ रुपये का है - जीसी शर्मा, जिला आबकारी अधिकारी