बिजनौर। जिला अस्पताल में अब मरीजों को राहत मिलेगी। क्योंकि अब जिला अस्पताल में सारा काम ऑनलाइन होगा। इसकी तैयारी स्वास्थ्य विभाग की ओर से की जा रही है। ओपीडी के पर्चे से लेकर दवा लिखने तक सब ऑनलाइन होगा। साथ ही चिकित्सक को जांच रिपोर्ट भी ऑनलाइन मिल जाएगी। एक बार रजिस्ट्रेशन नंबर मिलने के बाद वहीं नंबर हर बार काम में आएगा। यह व्यवस्था जिला अस्पताल के अलावा पांच सीएचसी केंद्रों में भी जल्द शुरू की जाएगी।
मंगलवार को सीएमओ डॉ. विजय कुमार गोयल की अध्यक्षता में सी-डैक की ओर से विभागीय अफसरों को प्रशिक्षित किया गया। प्रदेश सरकार की पहल पर सभी सरकारी अस्पतालों में ई-सुश्रुत योजना के तहत सी-डैक के जरिए चिकित्सक एवं स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिला कार्यक्रम प्रबंधक फारूख अजीज ने बताया कि शुरूआती चरण में जिले के पांच तहसील स्तरीय सीएचसी हल्दौर, स्याऊ, धामपुर, नगीना और नजीबाबाद से ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर, ब्लॉक कम्यूनिटी प्रोग्राम मैनेजर, डेटा एंट्री ऑपरेटर, लैब असिस्टेंट, फार्मेसिस्ट आदि को प्रशिक्षित किया गया है। जिले में ऑनलाइन व्यवस्था लागू करने के लिए सिस्टम आ गए हैं। सेटअप चालू होते ही नई व्यवस्था के तहत ऑनलाइन पर्चा बनाया जाएगा। इमरजेंसी में भर्ती होने वाले मरीजों का भी रजिस्टर में रेकॉर्ड दर्ज नहीं होगा। कंप्यूटर के जरिए ही मरीज के भर्ती और रेफर करने की प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा।
जीवन भर काम आएगा रजिस्ट्रेशन नंबर
सी-डैक की ओर से आए अनंत कौशिक व अनुपम गुप्ता ने बताया कि जिस मरीज का भी ऑनलाइन पंजीकरण होगा। वह पंजीकरण नंबर जीवन भर काम करेगा। उसे अस्पताल में आने पर हर बार कागजों को ढोना नहीं पड़ेगा। मरीज का पंजीकरण नंबर डालते ही उसकी पुरानी हिस्ट्री सामने आ जाएगी। इस अवसर पर सीएमएस डॉ. अरूण कुमार पांडेय, एसीएमओ डॉ. प्रमोद कुमार गुप्ता, जिला अस्पताल मैनेजर रोहित, यूपीटीएसयू से तबस्सुम परवीन आदि मौजूद रहे।