सकारात्मक सोच और हौसला बढ़ाने से ठीक हुए मरीज
बिजनौर। हल्दौर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर भर्ती कोरोना संक्रमित मरीजों ने बिना किसी दवा के कोरोना को हराया है। स्वास्थ्य टीम ने इन मरीजों का हौसला बढ़ाने के साथ ही इन्हें कोरोना बीमारी की चपेट में होने का अहसास नहीं होने दिया। इससे इनकी हालत में सुधार होने की रफ्तार दिन प्रतिदिन बढ़ती ही चली गई और ये मरीज कोरोना को हराकर सकुशल अपने परिजनों के बीच लौट गए। शासन से नामित होकर जिले में आए संयुक्त निदेशक डा. अनिल मिश्र का दावा है कि इन मरीजों को किसी प्रकार की अलग से कोई भी दवाई नहीं दी गई। उनका कहना है कि मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव जरूर थी, लेकिन इनमें किसी बीमारी का लक्षण नहीं था। इसलिए दवा देने की जरूरत ही नहीं पड़ी और ये मरीजों की स्थिति में सुधार हुआ।
सीएमओ विजय कुमार यादव के अनुसार हल्दौर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर कुल 27 कोरोना संक्रमित मरीज भर्ती थे। इनमें से 18 जनपद बिजनौर और नौ मुरादाबाद जिले के रहने वाले हैं। ठीक होने के बाद इन सभी को इनके घरों तक सरकारी एंबुलेंस से भिजवाया गया है। उनका कहना है कि किसी भी व्यक्ति की यदि रोग प्रतिरोधक क्षमता ठीक होती है, तो वह किसी भी बड़े से बड़े रोग को हरा सकता है।
प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हल्दौर के प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. मदनपाल बताते हैं कि इन सभी 27 मरीजों की रोजाना थर्मल स्क्रीनिंग होती थी। साथ ही चिकित्सकों द्वारा इनके साथ मृदु व्यवहार किया जाता था और शाकाहारी पौष्टिक भोजन दिया जाता था। उन्होंने बताया कि बिना किसी भेदभाव के इनका अच्छे से उपचार किया गया और भरपेट खाना दिया गया। डा. मदनपाल ने बताया कि ऐसे मामलों में केवल पांच प्रतिशत मरीजों को ही अलग से किसी विशेष प्रकार की दवा की आवश्यकता होती है, जबकि 95 फीसदी मरीज सकारात्मक सोच और उनका हौसला बढ़ाने से ही ठीक हो जाते हैं।