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पानीपत-खटीमा हाईवे : चार साल में बना, पहली बरसात में बन गए गड्ढे

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बरूकी। चार साल में बनकर तैयार हुआ पानीपत-खटीमा नेशनल हाईवे (709 एडी) बरसात का एक मौसम भी नहीं झेल पाया। जनपद में अभी हाईवे का काम खत्म भी हुआ है लेकिन जो हिस्सा चालू किया गया वह जगह-जगह टूट गया। वीकेआईटी से कोतवाली देहात तक करीब 18 किलोमीटर में सौ से ज्यादा छोटे-बड़े गड्ढे बन गए हैं और बजरी बिखर गई है।
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बिजनौर जिले में पानीपत-खटीमा हाईवे का निर्माण साल 2021 में शुरू किया गया था। इसे 2023 में बनाकर तैयार करना था। अफसरों की लेटलतीफी की वजह से करीब 18 किलोमीटर के हिस्से को बनाने में चार साल लग गए।
कोतवाली देहात में बने ओवरब्रिज से वाहनों का आवागमन इस साल जुलाई माह में शुरू किया गया है। इसी के साथ वीकेआईटी से कोतवाली देहात तक हाईवे का काम पूरा मान लिया गया। ग्राम शादीपुर में जल्द ही टोल वसूली भी शुरू होने वाली है। लेकिन इससे पहले ही हाईवे के निर्माण में बरती गई अनियमितताओं की पोल खुल गई।
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बरसात के पहले माैसम में ही सड़क खस्ताहाल दिखने लगी है। कोतवाली देहात में ओवरब्रिज से बिजनौर की ओर हाईवे में कई बड़े गड्ढे बन गए हैं। शादीपुर बस अड्डे के पास स्थित बड़िया मंदिर के पास सड़क काफी दूर तक उखड़ गई है। बरूकी और बांकपुर के बीच, छोइया और पीली चौकी के बीच भी कई छोटे-बड़े गड्ढे बन गए हैं। इन गड्ढों से निकली बजरी दूर तक बिखर गई हैं।
बरूकी ओवरब्रिज की सड़क धंसी, पुलिया का सरिया दिखने लगा
बरूकी में ओवरब्रिज की सड़क जगह-जगह धंस गई है। इस वजह से हाईवे पर दौड़ते वाहन अचानक उछल जाते हैं। दोपहिया वाहनों का पहिया अचानक गड्ढे में गिर जाने से अनियंत्रित होने का खतरा ज्यादा रहता है। पुल पर एक स्थान पर टूटी सड़क में सरिया नजर आ रहा है। पीली चौकी ओवरब्रिज की सड़क तो जगह-जगह दब गई है। तेज रफ्तार वाहन यहां आते ही उछल जाते हैं।
नगीना रोड से नजीबाबाद रोड तक शुरू हुआ बाईपास
पानीपत-खटीमा हाईवे के तहत नगीना रोड पर स्थित वीकेआईटी से बैराज रोड तक बाईपास का निर्माण चल रहा है। यह बाईपास नगीना रोड, मेरठ-पौड़ी नेशनल हाईवे (नजीबाबाद रोड), बिजनौर-हरिद्वार रोड और रावली रोड को जोड़ते हुए बनाया जा रहा है। इसमें केवल नगीना रोड से नजीबाबाद रोड के बीच का हिस्सा ही आवागमन के लिए खोला गया है।
झाड़ियों में ढक गया परियोजना का बोर्ड
हाईवे निर्माण के लिए धौकलपुर के पास प्लांट स्थापित किया गया था। इसी के पास परियोजना की जानकारी देने के लिए बोर्ड लगाया गया था जो झाड़ियों में ढक गया है। बोर्ड पर दर्ज सूचना के अनुसार पानीपत से नगीना तक हाईवे की लंबाई 175 किलोमीटर है। इसमें किलोमीटर 153 से 175 तक यानी 22 किलोमीटर का हिस्सा बिजनौर जिले में है।
बारिश का पानी नहीं रुकता, हाईवे के बीचोबीच गड्ढे
पानीपत-खटीमा हाईवे की ऊंचाई काफी है। इस पर पानी नहीं रुकता। इसके बावजूद हाईवे के बीचोबीच बने गड्ढे निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर रहे हैं। कई स्थानों पर तो लगातार गड्ढे बन गए हैं।
कुछ स्थानों पर पानी रुकने से सड़क क्षतिग्रस्त हुई है। निरीक्षण कराया गया है। हाईवे के रख-रखाव के लिए 15 साल तक निर्माण कंपनी की जिम्मेदारी है। क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत कराई जाएगी।
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- आशीष शर्मा, एसडीओ, एनएचएआई।
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