केंद्रीय कॉलोनी के सूखासोत में हिरन को घात लगा देखता एक बाघ।
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आबादी में बाघों के विचरण करने से लोगों में दहशत
कालागढ़। कालागढ़ के आबादी क्षेत्र में बाघों के विचरण से आम आबादी की सुरक्षा को खतरा पैदा हो रहा है। आम जनता में दहशत का माहौल है।
कार्बेट टाइगर रिजर्व के वनों से बाघ व गुलदार निकलकर आबादी क्षेत्र में विचरण करने लगे हैं। वन्यजीवों के आबादी क्षेत्र में विचरण करने की वजह से लोगों में दहशत का माहौल है। केंद्रीय कॉलोनी के संजय नगर व सूखास्रोत के रास्ते सांझ ढलते ही एक बाघ भिक्कावाला के खेतों की ओर जाता दिखाई दिया। यह बाघ कई बार तड़के भी नजर आया है। सूखास्रोत से लगी नई बस्ती में एक गुलदार भी विचरण कर रहा है। जिससे वहां की जनता को खतरा है। केंद्रीय कॉलोनी में पुराना सिनेमाघर क्षेत्र में एक बाघिन अपने बच्चों के साथ देखी जा रही है। कार्बेट टाइगर रिजर्व व अमानगढ़ टाइगर रिजर्व की सीमा पर कोठीराव चौड़ में एक बाघिन के तीन बच्चे विचरण करते देखे जा रहे हैं।
इसके अलावा केंद्रीय कॉलोनी के संजय नगर से भिक्कावाला एवं नई बस्ती को जाने वाली ग्रामीण बटिया के निकट जंगल के किनारे बाघ नजर आ रहा है। जिससे वहां से गुजरने वाले राहगीरों व ग्रामीणों की सुरक्षा में दहशत का माहौल है। राहगीरों सुनील कुमार, गजेंद्र सिंह, राकेश कुमार, जीवनराम आदि ने वन विभाग से बाघों को आबादी से दूर रखने की मांग की है।
वन्यजीव अपने क्षेत्र में कर रहे विचरण
कार्बेट टाइगर रिजर्व की कालागढ़ रेंज के वनक्षेत्राधिकारी आरके भट्ट का कहना है कि कार्बेट टाइगर रिजर्व के वनों में रहने वाले बाघ व अन्य जीव अपने विचरण क्षेत्र में भ्रमण करते हैं। आबादी के साथ ही जंगल लगा हुआ है। इन इलाकों को वन्यजीव विचरण का इलाका घोषित कर जगह जगह वन्यजीवों से सुरक्षा के बोर्ड वन विभाग ने लगा रखे हैं। इसलिए इन क्षेत्रों में सावधानी के साथ ही काम होने पर आया जाया जा सकता है।