पैजनियां के क्रांति स्मारक का होगा जीर्णोद्धार
बिजनौर। पैजनियां के क्रांति स्मारक के दिन बहुरने की उम्मीद जगी है, जिसके जीर्णोद्धार के लिए कवायद हो रही है। पिछले सप्ताह ही एसडीएम ने क्रांति स्मारक का मौका मुआयना किया और जरूरी जानकारी जुटाई, जिसकी रिपोर्ट बनाकर उच्च अफसरों को भेजी जा रही है। दरअसल पैजनियां में काकोरी कांड के क्रांतिकारियों ने अज्ञातवास में समय बिताया था।
जनपद के वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. भोलानाथ त्यागी पिछले कई दशकों से क्रांति स्मारक के जीर्णोद्घार की मुहिम चलाए हुए हैं। उन्होंने हाल ही में इसके लिए डीएम उमेश मिश्रा को पत्र भी लिखा। डॉ. भोलनाथ त्यागी बताते हैं कि उनका लालन पालन और शिक्षा उनके नाना स्व. शिवचरण सिंह त्यागी के संरक्षण में हुई थी। डॉ. भोलानाथ त्यागी ने क्रांति स्मारक के द्वार को स्व. शिवचरण सिंह त्यागी स्मारक द्वार के रुप में भव्यता के साथ बनवाने के प्रयास में लगे हैं।
अज्ञातवास स्थल पर हुआ था क्रांति स्मारक का निर्माण
जिस जगह पर क्रांतिकारियों ने अज्ञातवास काटा, उस जगह दशकों पहले क्रांति स्मारक का निर्माण कराया गया था। उसके बाद उपेक्षा के चलते क्रांति स्मारक दुर्दशा का शिकार होता गया। हालांकि अब आजादी के अमृत महोत्सव के संदर्भ में एमएलसी अश्वनी त्यागी ने भारत सरकार के संस्कृति राज्यमंत्री अर्जुन मेघवाल का इस ओर ध्यान आकृष्ट किया। जिसे लेकर डीएम उमेश मिश्रा भी पैजनियां के क्रांति स्थल को पहचान दिलाने, रखरखाव और विकास के लिए कार्य योजना तैयार करा रहे हैं।
गणेश शंकर विद्यार्थी से रहा है ताल्लुक
पैजनियां के रहने वाले स्व. शिवचरण सिंह त्यागी का आजादी की जंग में काफी योगदान रहा है। उनका क्रांतिकारी गणेश शंकर विद्यार्थी से घनिष्ठ संबंध था। गणेश शंकर विद्यार्थी के निर्देश पर काकोरी कांड में शामिल रहे क्रांतिकारी ठाकुर रोशन सिंह, अशफाक उल्ला खां आदि ने पैजनियां में शिवचरण सिंह त्यागी के माध्यम से पैजनियां में समय बिताया था। मुंबई में अंग्रेज अधिकारी पर बम फेंकने वाले अप्पाराव भी पैजनियां आकर ठहरे थे। वहीं मिदनापुर बंगाल में अंग्रेज अधिकारी को गोली मारने वाले अवनीकांत मुखर्जी को भी गणेश शंकर विद्यार्थी ने अज्ञातवास के लिए पैजनियां भेजा था।