लॉकडाउन में बकाया वसूलयाबी धड़ाम
बिजनौर। जिले की सहकारी समितियों की बकाया वसूलयाबी लाकडाउन में धड़ाम हो गई है। जिला मंडल में सबसे फिसड्डी है। करीब एक दर्जन समितियों की वसूलयाबी मात्र तीस प्रतिशत है। कम वसूलयाबी का असर समितियों के बिजनेस पर पडे़गा तथा किसानों को नया लोन नहीं मिलेगा। खराब प्रदर्शन करने वाली समितियों को कार्रवाई की चेतावनी जारी होनी शुरू हो गई है।
जिले में 196 सहकारी समितियां हैं। इनमें करीब डेढ़ लाख किसान सदस्य हैं। इनमें से एक लाख 25 हजार किसानों ने समितियों से 706 करोड़ लोन लिया था। अपर सांख्यिकी अधिकारी सहकारी समितियां सत्यपाल सिंह ने बताया कि 31 मई तक 291 करोड़ लोन वसूला गया है। किसानों को लोन की अदायगी 31 मार्च तक करनी थी। परंतु लॉकडाउन के कारण तारीख बढ़ाकर 31 मई कर दी गई थी। दो दर्जन से अधिक समितियों ने 30 से 35 प्रतिशत तक लोन वसूला है। बकाया वसूल नहीं होने का असर लोन आवंटन पर पडे़गा। समितियों का लेनदेन भी कम होगा। इससे किसानों को ऊंचे रेट पर खुले बाजार से खाद बीज खरीदना पड़ सकता है।
30 समितियों की वसूलयाबी बहुत खराब
बिजनौर। जिले में करीब 30 सहकारी समितियों की वसूलयाबी बेहद खराब हैं। इनमें सबसे अधिक समिति नजीबाबाद, अफजलगढ़, स्योहारा, नूरपुर ब्लॉक में हैं। किरतपुर तथा मोहम्मदपुर देवमल ब्लॉक में मात्र एक -एक समिति की वसूलयाबी स्थिति खराब है। सबसे अधिक लोन 80 करोड़ कासमपुर समिति से दिया गया है। शासन से प्रतिदिन 106 करोड़ वसूलने का लक्ष्य है। बताया कि सहायक निबंधक सहकारी समितियां अमित कुमार त्यागी खराब वसूलयाबी वाली समितियों को व्हाट्सएप से कार्रवाई की चेतावनी भेज रहे हैं।
शत प्रतिशत वसूली का रिकार्ड
बिजनौर। जिले में मोहम्मदपुर देवमल ब्लाक की शादीपुर सहकारी समिति ने शत प्रतिशत बकाए की वसूलयाबी करके लगातार 15 वें साल भी अपना रिकॉर्ड बरकरार रखा है। समिति की 280 करोड़ की डिमांड थी। एआर अमित कुमार त्यागी ने किसानों तथा कर्मचारियों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए बधाई दी है।