संविदाकर्मी की मौत से खफा लोग जाम लगाते हुए।
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हल्दौर में पैजनियां बिजलीघर पर तैनात संविदा कर्मचारी की एलटी लाइन के पोल पर जंपर जोड़ते समय करंट की चपेट में आकर मौत हो गई। कर्मचारी की मौत से लोगों का गुस्सा भड़क गया। प्रदर्शनकारियों ने मुआवजे की मांग को लेकर हाईवे पर जाम लगाकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान हाईवे पर वाहनों की लाइनें लग गई। प्रशासनिक अधिकारियों व सीओ सिटी के आश्वासन के के बाद प्रदर्शनकारियों ने जाम को खत्म किया।
क्षेत्र के गांव शफीपुर हीरा निवासी संविदा कर्मी कोमन सिंह (45) पैजनियां बिजलीघर पर एसएचओ के पद पर तैनात था। मंगलवार को दिन में करीब 12.30 बजे वह बिजलीघर से शटडाउन लेकर पोटा में लाइन ठीक करने गया था। वहां से लौटते समय पोटा पावटी मार्ग पर स्थित एक नलकूप के एलटी लाइन के पोल पर लाइन का जंफर जोड़ने चढ़ गया। इस दौरान बिजली आ रही थी। कोमन के लाइन के तार पकड़ते ही उसे करंट लग गया। वह नीचे जमीन पर आ गिरा। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे। इस दौरान ग्रामीणों ने विद्युत विभाग के अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। थाना प्रभारी निरीक्षक अरविंद कुमार शर्मा व निगम के एसडीओ गौरवपाल से मुआवजे की मांग को लेकर ग्रामीणों की तीखी नोकझोंक हुई । गुस्साए ग्रामीणों ने बिजनौर-नूरपुर हाईवे मार्ग पर जाम लगाकर विरोध प्रदर्शन किया।
एसडीएम सदर विनीत कुमार श्रीवास्तव, सीओ सिटी रामानंद कुशवाहा, एसडीएम चांदपुर राकेश कुमार यादव से भाकियू के जिलाध्यक्ष रामअवतार सिंह महाश्य घनश्याम, राष्ट्रीय किसान मजदूर पार्टी के पश्चिमी यूपी प्रदेश महासचिव कैलाश लांबा, वेदप्रकाश से वार्ता की। मृतक के परिजनों को साढ़े सात लाख रुपये दिलाने के आश्वासन मिलने पर जाम खुलवाया।
उधर, कोमन सिंह की मौत से परिवार में कोहराम मच गया है। उसकी पत्नी मनोज देवी और बच्चे बार-बार बेसुध हो जा रहे थे। परिवार के सदस्यों ने कहा कि आखिर कोमन ने किसी का बिगाड़ा था। हमें यह मनहूस दिन देखने को क्यों मिला।