सहफसली खेती के प्रोजेक्ट के बारे में डीएम को जानकारी देते सीडीओ।
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बिजनौर में जिला स्तरीय खरीफ गोष्ठी में डीएम बी चंद्रकला ने कहा कि जिले में किसानों को बीज और खाद की कोई समस्या नहीं आने दी जाएगी। फूंके हुए ट्रांसफार्मर 72 घंटे में बदले जाएंगे। उन्होंने किसानों से बिजली के कनेक्शन लेकर समय पर बिल जमा करने को कहा।
डीएम ने कहा कि किसान आधुनिक तकनीक से खेती कर लागत कम कर उत्पादन बढ़ा सकते हैं। उन्होंने ट्रैंच विधि से बोए जा रहे गन्ने में की गई सहफसली खेती की प्रशंसा की। सीडीओ डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने सहफसली खेती को मुनाफे की खेती बताया। उपकृषि निदेशक जसपाल ने सोलर फोटोवोलटेक योजना के बारे में बताया। सीवीओ डॉ. रविंद्र सिंह ने पशुओं के कृत्रिम गर्भाधारण, नेडा परियोजना अधिकारी राकेश कुमार ने सोलर पावर प्लांट, जिला उद्यान अधिकारी नरपाल मलिक ने दलहन और तिलहन की खेती के बारे में बताया। कृषि विज्ञान केंद्र नगीना के प्रभारी डॉ. डीपी सिंह ने खरीफ सीजन में बोई जाने वाली सब्जियों के बारे में बताया। डॉ. राकेश कुमार ने धान, जिला कृषि रक्षा अधिकारी अमरपाल ने बीज शोधन के बारे में बताया। दो किसानों को लेजर लैंड लेबलर और दो को रोटावेटर अनुदान पर देने का स्वीकृति पत्र दिया। जिला कृषि अधिकारी प्रमोद सिरोही ने किसानों से योजनाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया। एके सिंह, डीसीओ ओपी सिंह, अधिशासी अभियंता नलकूप बाबू सिंह, राकेश आदि मौजूद रहे।