बेसहाराओं के लिए आगे आने लगीं संस्थाएं
बिजनौर। कोरोना काल में अनाथ हुई बेटियों का सहारा वैदिक कन्या गुरुकुल नवलपुर बनेगा। इस गुरुकुल में कोरोना से अनाथ हुईं बेटियों को मुफ्त शिक्षा दीक्षा दी जाएगी। उनके रहने और खाने पीने की भी व्यवस्था भी गुरुकुल की ओर से ही की जाएगी। गुरुकुल की ओर से ऐसी बेटियों की तलाश शुरू करा दी गई है।
कोरोना की दूसरी लहर के कहर से परिवार पूरी तरह बर्बाद हो गए। कई बच्चे बेसहारा हो गए। माता पिता की मौत के बाद बच्चों की परवरिश करने वाला कोई भी नहीं है। ऐसी बेटियों के लिए कन्या वैदिक गुरुकुल नवलपुर ने सहारा देने का बीड़ा उठाया है। गुरुकुल में बेटियों को मुफ्त में शिक्षा दीक्षा दी जाएगी। उनके रहने व खानेे का इंतजाम भी किया जाएगा। बेटियां जब पढ़ लिखकर बड़ी होंगी, तो उन्हें काबिल बनाने का रास्ता भी तलाशा जाएगा। बेटियों को हर कदम पर गुरुकुल उनके साथ रहेगा। हर सुख दुख बेटियों के साथ बांटा जाएगा। गुरुकुल की टीम की कोशिश होगी की बेटियों को ऐसा न लगे कि अब इस दुनिया में उनके मां बाप नहीं हैं और उनकी परवरिश करने वाला कोई नहीं है।
गुरुकुल के प्रबंधक सुशील कुमार त्यागी के मुताबिक बेसहारा बच्चियों को तलाशा जा रहा है। बेटियों को गुरुकुल की ओर से मुफ्त शिक्षा दिलाई जाएगी। गुरुकुल में ही रहकर वे शिक्षा दीक्षा प्राप्त करेंगी। उन्होंने कहा कि ऐसी बेटियों को काबिल बनाने की भरपूर कोशिश होगी।
जुड़ी हैं 50 कन्याएं
कन्या वैदिक गुरुकुल नवलपुर की स्थापना 2011 में हुई थी। छह कन्याएं तब गुरुकुल में शिक्षा लेने आईं थीं। अब गुरुकुल से 50 कन्याएं जुड़ी हैं। अभी कक्षा पांच से आठ तक की गुरुकुल में पढ़ाई कराई जा रही है। गुरुकुल में तमाम सुविधाएं उपलब्ध हैं। इन्हें ताइक्वांडो, लाठी डंडे व बंदूक चलाना भी सिखाया जाता है। खाने, पीने का भी पूरा ध्यान दिया जाता है। गुरुकुल से जुड़ी मुख्य आर्य सविता ने अपना पूरा जीवन गुरुकुल के लिए ही समर्पित कर दिया।