सीजेएम दिलीप कुमार सचान ने एक व्यक्ति को बिना वजह हिरासत में रखने, रुपये छीनने और मारपीट करने के मामले में दरोगा रोहित शर्मा व दो सिपाहियों सहित तीन पुलिसकर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना करने का आदेश थाना कोतवाली शहर पुलिस को दिया है।
थाना कोतवाली शहर के गांव अगरी निवासी रावेंद्र सिंह ने कोर्ट में दिए प्रार्थनापत्र में कहा था कि वह 24 अगस्त को दोपहर साढ़े तीन बजे अपने साथी हेमेंद्र निवासी गांव शमशाबाद के साथ बिजनौर शहर में रोडवेज बस स्टैंड से जजी की ओर आ रहा था। कुंदर हॉस्पिटल के पास एक गाड़ी आकर रुकी। उसमें से दरोगा रोहित शर्मा व दो सिपाही जिनके वह नाम नहीं जानता उतरे।
दरोगा रोहित शर्मा ने उसकी कनपटी पर रिवॉल्वर लगाते हुए मारपीट की और जबरन गाड़ी में डाल लिया। शोर पर वहां काफी भीड़ इकट्ठा हो गई। पुलिसवाले उसे लेकर भाग लिए और सीधे नगीना थाने आए। वहां उसे बंद कर दिया गया और उसकी जेब में रखे 20 हजार रुपये भी छीन लिए।
उसे झूठे केस में फंसाने की धमकी दी। उसका साथी हेमेंद्र उसे तलाश करता हुआ नगीना थाने पहुंचा पर उसके साथी के पूछने पर भी यह नहीं बताया गया कि उसे किस अपराध में पकड़ा गया है।
बाद में उसके परिजन व अन्य लोग थाना नगीना पहुंचे। एसएचओ को सारी बात बताई। बाद में उसे रात ढाई बजे प्रभारी निरीक्षक के कहने पर छोड़ा गया। सीजेएम से इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कराने की गुहार की गई थी।