इंडसइंड बैंक के पांच अफसरों पर रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश
बिजनौर। सीजेएम दिलीप सचान ने धोखाधड़ी के मामले में इंडसइंड बैंक के मैनेजर व मुख्य प्रबंधक सहित पांच बैंक अधिकारियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर थाना कोतवाली शहर पुलिस को दिया है।
बिजनौर निवासी मितुल खन्ना ने सीजेएम कोर्ट में दिए प्रार्थना पत्र में बताया था कि वह ट्रांसपोर्ट का कारोबार करता है। उसने दो वाहनों पर इंडसइंड बैंक की बिजनौर आकाश प्लाजा में खुली शाखा से 29 जुलाई 2013 में वित्तीय सहायता ली थी। इंडसइंड शाखा के मुख्य प्रबंधक लखनऊ स्थित मुख्य कार्यालय के अधिनस्त है। शाखा प्रबंधक ने एक लाख 31 हजार रुपये की मार्जिन मनी जमा कराकर 29 हजार 55 रुपये की मासिक किस्त तय की और कुछ चेक बतौर सिक्योरिटी लिए थे। 24 अक्तूबर 2014 को संजीव कुमार ने खुद को बैंक कर्मचारी बताते हुए उसके दोनों वाहन कब्जे में ले लिए। शाखा प्रबंधक द्वारा संतोषजनक जवाब न देने पर मितुल खन्ना ने बिजनौर के सिविल न्यायालय में शाखा प्रबंधक के खिलाफ केस कर दिया। तीन जुलाई 2019 को सहारनपुर इंडसइंड शाखा के कुछ बैंक अफसरों व कर्मचारियों प्रदीप चौधरी, जाकिर अंसारी आदि ने बिजनौर के शाखा प्रबंधक व मुख्य प्रबंधक से हमसाज होकर एक एचडीएफसी बैंक का चेक मितुल खन्ना के सहारनपुर में उपस्थित होकर डाक करना बताया। उन्होंने बताया कि मितुल खन्ना ने सहारनपुर शाखा में उपस्थित होकर चेक दिया। मितुल खन्ना का कहना है कि उसने सहारनपुर शाखा से कोई ऋण नहीं कराया है। तीन जुलाई 2019 को वह विदेश यात्रा पर था। मितुल खन्ना के अधिवक्ता अनिल कुमार के अनुसार सीजेएम ने धोखाधड़ी के मामले में प्रथम दृष्ट्या संज्ञेय प्रवृत्ति का अपराध पाए जाने पर एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए।