धोखाधड़ी के आरोप में रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश
बिजनौर। सीजेएम दिलीप कुमार सचान ने मरम्मत के लिए आई एलईडी को बदल देने के मामले में मोनिका टीवी एंड एलईडी एंटर प्राइजेज के मालिक प्रेम सागर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना करने का आदेश कोतवाली शहर पुलिस को दिया है।
वर्धमान कालेज के प्रोफेसर वीरेंद्र सिंह आर्य ने सीजेएम न्यायालय में दिए प्रार्थना पत्र में कहा था कि उसके घर पर 32 इंच की एलजी की एक एलईडी थी। उनके बेटे ने बैंक से लोन लेकर खरीदी थी। एलईडी खराब होने पर ठीक कराने के लिए वह एलईडी को लेकर मोनिका टीवी एंड एलईडी एंटरप्राइजेज पर 22 जुलाई 2020 को पहुंचे। इसके मालिक प्रेम सागर ने कहा वह एलईडी को ठीक कर देंगे और नए पुर्जे की कीमत तीन हजार रुपये होगी। एक पुर्जे पर उसने उनके हस्ताक्षर भी कराए और अपने घर से किट लाने को कहा। थोड़ी देर बाद उसने किट घर पर न मिलने की बात कहकर दिल्ली से मंगवाने को कहा और उन्हें 23 जुलाई को बुलाया। वे तीन हजार रुपये देकर एलईडी लेकर घर आ गए। घर पर एलईडी देखी तो वह उनकी नहीं थी। 24 जुलाई को उन्होंने वो एलईडी वापस कर दी। वे अपने मोहल्ले के ही कुछ लोगों के साथ दुकान पर गए और उनकी एलईडी व तीन हजार रुपये मांगे तो दुकानदार ने देने से इंकार कर दिया। पुलिस ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की। आरोप लगाया कि दुकानदार ने उनसे उनकी एलईडी व तीन हजार रुपये धोखाधड़ी से हड़प लिए हैं। इस मामले में सीजेएम ने रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना करने के आदेश दिए हैं।