आबादी के भीतर से टावर तक बिजली लाइन डालने का विरोध
नींदडू़। ग्रामीणों द्वारा आबादी के भीतर से मोबाइल टॉवर तक बिजली की लाइन डालने के विरोध के चलते फिलहाल तार डालने का कार्य रुक गया है। ग्रामीण किसी भी कीमत पर बस्ती के बीच से बिजली की लाइन डालने के पक्ष में नहीं है, जबकि टॉवर इंचार्ज इसे उचित ठहरा रहा है।
करीब तीन वर्ष पहले प्रसिद्ध मोबाइल कंपनी की ओर से मनकुआ में भूपेंद्र सिंह के खेत से जुड़े उसके आवास में मोबाइल टॉवर लगाया गया था। तीन दिन पहले विभाग की ओर से टॉवर तक बिजली पहुंचाने के लिए छह खंभे लगाए थे। इनमें तीन आबादी में आ रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार ये खंभे ग्रामीणों को बिजली की बेहतर सेवा देने के नाम पर लगाए बताए थे। शनिवार को विभागीय कर्मचारी टॉवर तक लाइन डालने के लिए गांव पहुंचे। सूचना मिलते ही नितिन, विजेंद्र, मलखान, नन्हें सिंह, अनूप, गोविंद, राजेंद्र, आलोक, अनस, सरफराज, अजहरुद्दीन, मोबीन, अकरम, महबूब, सबूर, नजाकत, ताहिर, शाहनवाज, एजाज, नवोदक और आसिफ आदि मौके पर पहुंचे तथा आबादी के भीतर से विद्युत लाइन डालने का विरोध किया। कई बार दोनों पक्षों के बीच तकरार की नौबत भी आई। ग्रामीणों का कहना है कि गांधी इंटर कॉलेज के पास से गुजर रही एचटी लाइन से टॉवर तक बिजली लाने का सर्वेक्षण किया गया था। लाइन भी उधर से ही स्वीकृत हुई है। अब लाइन आबादी में खींची जा रही है। वे आबादी के अंदर से बिजली की लाइन नहीं डालने देंगे।
उधर, भूमि स्वामी भूपेंद्र सिंह ने बताया कि लाइन से उसका कोई संबंध नहीं है। यह मोबाइल कंपनी और विभाग के बीच का मामला है। टॉवर इंचार्ज एके सिंह का कहना है कि रबर कोटेड एबीसी कंडक्टर वायर डालने में ग्रामीणों को किसी प्रकार का खतरा नहीं है। वह अनुचित विरोध कर रहे हैं।
उधर, विभागीय एक्सईऐन विरेंद्र कुमार ने बताया कि मनकुआ के टॉवर पर बिजली की लाइन डालने और ग्रामीणों के विरोध की उन्हें जानकारी नहीं है। प्रकरण संज्ञान में लाए जाने के बाद वह कुछ कहने और समस्या का समाधान निकालने की स्थिति में होंगे।