एक दिन में प्रयोगात्मक और मौखिक परीक्षा कराने का किया विरोध
बिजनौर। डिग्री कालेजों के शिक्षकों ने स्नातक व स्नातकोत्तर के सभी विषय की प्रयोगात्मक व मौखिक परीक्षा एक दिन में कराने के फैसले को गलत बताया है। रुहेलखंड टीचर्स एसोसिएशन (रुटा) ने फैसले को छात्र विरोधी बताया है। मामले में कुलपति से वार्ता बेनतीजा रही है। रुटा ने अगली रणनीति तैयार करने के लिए कार्यकारिणी की बैठक बुलाई है।
रुटा अध्यक्ष व वर्धमान कालेज बिजनौर में एसोसिएट प्रोफेसर डा. मुकेश कुमार ने बताया कि शासन का आदेश था कि प्रयोगात्मक परीक्षा न कराई जाए। साथ ही मौखिक परीक्षा ऑनलाइन होगी। इस पर परीक्षा समिति की बैठक में प्रयोगात्मक परीक्षा की जगह छात्रों का आंतरिक मूल्यांकन करने का प्रस्ताव रखा गया था। सभी सदस्यों ने प्रस्ताव का समर्थन किया था। सदस्यों की दलील थी कि यदि छात्र किसी कारण वश लिखित परीक्षा में अच्छा नहीं कर पाता है तो आंतरिक मूल्यांकन में अच्छे अंक लाने का मौका रहे। छात्रों का नुकसान नहीं हो। बताया कि मौखिक परीक्षा भी आंतरिक मूल्यांकन पर करने का प्रस्ताव था। इसके पक्ष में सदस्यों का कहना था कि डिग्री कालेजों में पढ़ने वाले अधिकांश छात्र ग्रामीण क्षेत्रों से आते हैं। गांवों में इंटरनेट की प्रॉब्लम रहती है जिससे ऑनलाइन परीक्षा होना संभव नहीं है। बताया कि दोनों प्रस्ताव पर बैठक में सहमति हो गई थी। अब शासन से प्रायोगिक व मौखिक परीक्षा की प्रक्रिया के बारे में शासन से नया आदेश कालेजों को मिला है।
ये हैं आदेश
रुटा अध्यक्ष डॉ मुकेश कुमार ने बताया कि कालेज में शिक्षक छात्रों को प्रश्नपत्र व एसाइनमेंट देंगे। छात्रों को 24 घंटे में उसे कालेज में जमा करना होगा। अगले 24 घंटे में शिक्षक उसे चैक करेंगे। फिर अगले 24 घंटे के अंदर अंक वेबसाइट पर अपलोड करेंगे। बताया कि प्रयोगात्मक एवं मौखिक , दोनों परीक्षा इसी प्रकार होगी। अर्थात एक दिन में परीक्षा होनी है। एक दिन में कापी जांचनी है। एक दिन में अंक अपलोड करने है। इसके बाद कुछ मान्य नहीं होगा।
रुटा का आदेश के विरोध में ये हैं तर्क
डा. मुकेश कुमार ने बताया कि 19 जुलाई को रुटा के पदाधिकारी मामले में कुलपति से मिले हैं। कुलपति को बताया गया है कि आदेश छात्र हित में नहीं है। तर्क था कि कोरोना कम तो हुआ है परंतु कोरोना का खतरा पूरी तरह टला नहीं है। ऐसे में हजारों छात्रों को एक साथ एक दिन ही कालेज बुलाने से भीड़ होगी। कोरोना गाइडलाइंस का पालन संभव नहीं है। दूसरे शिक्षकों को 24 घंटे में छात्रों के असाइनमेंट चैक करना संभव नहीं है। क्योंकि अनेक कालेजों में विषय के एक एक दो दो शिक्षक है। छात्रों का एक दिन में असाइनमेंट जमा करना संभव नहीं है। बताया कि कुलपति मामले में अडिग लग रहे हैं। मामला छात्र हित का है। इसलिए रुटा ने अगली रणनीति के लिए एक दो दिन में कार्यकारिणी की वर्चुअल बैठक बुलाने का फैसला किया है।