कार्बेट के वनों में ऑपरेशन मानसून शुरू
कालागढ़। वन एवं वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए वन विभाग ने ऑपरेशन मानसून शुरू किया गया है। इसके लिए वनों में सशस्त्र गश्त की जा रही है। कार्बेट टाइगर रिजर्व की कालागढ़ रेंज समूचे कार्बेट टाइगर रिजर्व में संवेदनशील रेंज घोषित है। यह कार्बेट टाइगर रिजर्व की दक्षिणी सीमा पर स्थित है। जनपद बिजनौर की उत्तरी सीमा भी इससे मिलती है।
वनों में सोनानदी से लेकर फतेहपुर धारा तक का इलाका वन विभाग ने ई-सर्विलांस पर ले रखा है। सीमा पर लगे कैमरे रात दिन सक्रिय रहते हैं। कालागढ़ के वनक्षेत्राधिकारी आरके भट्ट ने बताया कि ऑपरेशन मानसून के दौरान वन एवं वन्यजीव तस्करों का खतरा बन जाता है। वनों में प्रवेश के लिए नालों आदि पर खास निगाह रखी जा रही है। अंतरराज्यीय सीमा पर गश्त की जा रही है। मौसमी नदियों में गश्त की जा रही है। स्नीफर डॉग एवं उपलब्ध समस्त संसाधनों का प्रयोग गश्त में किया जा रहा है। गश्त के दौरान वनों में हाथी के झुंड नजर आ रहे हैं।
बाघों की सुरक्षा एक चुनौती
कार्बेट टाइगर रिजर्व में बाघों की सुरक्षा को लेकर वन विभाग के सामने खास चुनौती रहती है। कार्बेट टाइगर रिजर्व, अमानगढ़ टाइगर रिजर्व व साहूवाला वनों के जीवों का कार्बेट के वनों में आवागमन होता रहता है। बावरिया गिरोह के निशाने पर बाघ रहता है। इसकी सुरक्षा के लिए वन विभाग चौकस रहता है। साहूवाला रेंज के वन क्षेत्राधिकारी वीरेंद्र सिंह रावत के अनुसार यहां का जंगल आठ बीट में बंटा है। जिनमें सुरक्षा को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। अमानगढ़ टाइगर रिजर्व के वनों में भी सतर्कता के साथ गश्त की जा रही है।