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हथियार बेचकर करते थे मदरसे का संचालन

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हथियार बेचकर करते थे मदरसे का संचालन
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बिजनौर। शेरकोट के मदरसा दारूलकुरान हमीदिया में अवैध शस्त्रों के जखीरे के साथ पकड़े गए मदरसे के संचालक समेत छह लोग हथियार बेचकर मदरसे का संचालन करते थे। पुलिस की पूछताछ में यह बात सामने आई है। पुलिस ने फरार हिस्ट्रीशीटर समेत दो साथियों की तलाश में उनके ठिकानों की तलाश में कई जगह दबिश दी, पर वे हाथ नहीं आए। पुलिस की मानें तो दोनों के पकड़े जाने के बाद ही कई राज फाश होंगे। ये दोनों की मदरसे से हथियारों की फरीद फरोख्त का कारोबार करते थे।
एसपी संजीव त्यागी के अनुसार शेरकोट के मदरसे से संचालक शेरकोट के मोहल्ला मनिहारान निवासी मोहम्मद साजिद, स्योहारा के मोहल्ला शेखान निवासी फईम अहमद, अजीजुर्रहमान, धामपुर के मोहल्ला अफगानान निवासी जफर इस्लाम, अफजलगढ़ के मनोहरवाली भूतपुरी निवासी सिकंदर अली, बिहार के अररिया जिले के थाना जूकी हाट के गांव काकन निवासी मोहम्मद साबिर को दबोचा गया। उनके पास से 315 बोर के तीन तमंचे, 252 कारतूस, 32 बोर का रिवॉल्वर, 16 कारतूस, 32 बोर का पिस्टल, दो मैगजीन व 16 कारतूस व छह मोबाइल बरामद किए थे। यह सभी हथियार दवा के डिब्बों में रखे थे। संचालक मोहम्मद साजिद मदरसे में हिकमत का काम करता है। तमाम लोग रोजाना संचालक से दवाई लेने आते हैं। पकड़े गए लोगों ने बताया कि मदरसे में जरूरत के मुताबिक लोग हथियार खरीदने आते। पकड़े गए लोगों से बरामद कार संचालक मोहम्मद साजिद की है। कार पर स्लोगन लिखा है कि हारे का सहारा बाबा श्याम हमारा। शेरकोट के मोहल्ला नोधना निवासी हिस्ट्रीशीटर आरिफ व उसका भाई आसिफ फरार हैं। उसके खिलाफ न्यायालय में कई मामले विचाराधीन हैं। दोनों भाई तांत्रिक विद्या, झाड़फूंक का काम करते हैं। उनकी आड़ में ये भाई अवैध शस्त्रों की तस्करी भी करते हैं। हथियारों को बेचकर मदरसे का संचालन किया जाता है। एसपी ने बताया कि फरार आरिफ व उसका भाई आसिफ ही पकड़े जाने पर बता सकते हैं कि वे हथियार कहां से लाकर बेचते थे। दोनों भाइयों के अंदर कई राज छिपे हैं। उनके पकड़े जाने के बाद कई राज फाश होंगे।
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एटीएस समेत कई एजेंसियों ने की पूछताछ
मदरसे से पकड़े गए संचालक समेत सभी छह लोगों से एटीएस, आईबी, एलआईयू समेत कई एजेंसियों ने कड़ाई से पूछताछ की। पर कोई आतंकी कनेक्शन सामने नहीं आया है। एटीएस समेत सभी टीम इन लोगों को कई घंटे खंगालने में जुटी रहीं। यह पता लगाती रहीं कि वे हथियार कहां से लाते थे। कहीं मदरसे में हथियार चलाने की ट्रेनिंग तो नहीं दी जा रही थी। पर पकड़े गए आरोपियों ने अपनी जुबान नहीं खोली और चुप रहे। एसपी संजीव त्यागी के मुताबिक अभी कोई ऐसी बात सामने नहीं आई है जिससे यह पता चले कि पकड़े गए लोगों के तार आतंकियों से जुड़े हैं। अभी इस मामले में जांच चल रही है। कई लोगों पर पुलिस की नजर है।
14 बच्चे मदरसे में हैं बिहार के
मदरसे में 14 बच्चे अकेले बिहार के अररिया जिले के हैं। यह बच्चे मदरसे में तालिम हासिल करने के नाम पर रह रहे हैं। पुलिस ने इन बच्चों से भी पूछताछ की। उनके परिजनों से भी पुलिस ने बात की।
बिना रजिस्ट्रेशन चार साल से चल रहा था मदरसा
शेरकोट का मदरसा दारूल कुरआन हमीदिया रजिस्टर्ड नहीं है। बिना रजिस्ट्रेशन के मदरसे में चार साल से बच्चों को तालिम देने का काम चल रहा था। मदरसे से हथियार पकड़े जाने के बाद पूरा मदरसा खुला हुआ है। पुलिस ने मदरसे को सील नहीं किया है। कोई भी मदरसे में आ जा सकता है। मदरसे में चौतरफा दवाई व अन्य सामान बिखरा पड़ा है। मदरसे की देखभाल के नाम पर बृहस्पतिवार को कोई व्यक्ति वहां दिखाई नहीं दिया।
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विवाद न होता तो पकड़े न जाते हथियार
मदरसे के संचालक मोहम्मद साजिद से एक व्यक्ति का विवाद न होता तो पुलिस मदरसे से हथियार बरामद नहीं कर पाती। इस व्यक्ति ने ही पुलिस को मदरसे से हथियार सप्लाई होने के बारे में बताया। तब जाकर मदरसे में पुलिस ने छापेमारी की। संचालक मोहम्मद साजिद के मुताबिक रमजान के दौरान शेरकोट के रफी नामक व्यक्ति से उसका विवाद हुआ था। रफी मदरसे में अपनी कार खड़ी करने आता था। उसे पूरा शक है कि रफी ने ही पुलिस से मदरसे में छापा लगवाया है।
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