- बजट में विश्वविद्यालय खोलने को किया गया है बजट आवंटन
- संस्कृत पढ़ने वाले विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति देने के लिए बजट की व्यवस्था
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। मुरादाबाद मंडल में विश्वविद्यालय जल्द खुलने की आस बढ़ गई है। प्रदेश सरकार के बजट में विश्वविद्यालय स्थापना के लिए बजट का एलान हो गया है। शिक्षाविदों ने मंडल में विश्वविद्यालय खोले जाने के लिए बजट का प्रावधान होने पर खुशी जाहिर की है। इस विश्वविद्यालय के खुल जाने से जिले को खासा फायदा मिलेगा।
शासन का हर मंडल में विश्वविद्यालय खोलने की योजना है। मुरादाबाद मंडल में विश्वविद्यालय खोलने की मांग लंबे समय से हो रही है। रुहेलखंड टीचर्स एसोसिएशन अर्थात रुटा मांग को लगातार उठा रहा है। विश्वविद्यालय खोलने को ज्ञापन भेजे गए। जिस पर सरकार ने आज प्रस्तुत बजट में विश्वविद्यालय खोलने के लिए 50 करोड़ का प्रावधान किए जाने की घोषणा की है।
डिग्री कालेजों के शिक्षक, छात्र नेता मंडल में विश्वविद्यालय खोलने को बजट तय करने के एलान से खुश हैं। अब जल्द विश्वविद्यालय खुलने पर काम शुरू होने की आस बढ़ गई है। बिजनौर की है मजबूत दावेदारी
मुरादाबाद मंडल में मुरादाबाद, बिजनौर, रामपुर, अमरोहा तथा संभल जिले आते हैं। अमरोहा व संभल जिले मुरादाबाद जिले को काटकर बने हैं। जिले के शिक्षाविद व छात्र नेता बिजनौर में विश्वविद्यालय खोलने को छात्र हित में बता रहे हैं। इसके लिए उनके अपने तर्क हैं।
- रुहेलखंड विश्वविद्यालय टीचर्स एसोसिएशन अर्थात रुटा के अध्यक्ष डॉ मुकेश कुमार का कहना है कि मुरादाबाद जिले में तीन निजी विश्वविद्यालय स्थापित है । मुरादाबाद मंडल में करीब 325 डिग्री कालेज हैं। इनमें 150 से अधिक अकेले जिला बिजनौर में है।
- विवेक कालेज बिजनौर के कानून विभाग ने एसोसिएट प्रोफेसर डॉ पुष्पा जोशी का कहना है कि जनपद के भौगोलिक एतिहासिक महत्व है। जिला उत्तराखंड की सीमा से सटा है। बिजनौर में विश्वविद्यालय खोलने का फायदा दोनों राज्यों के विद्यार्थियों को मिलेगा।
- वर्धमान कालेज बिजनौर में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ जितेन्द्र कुमार विश्वकर्मा का बिजनौर पिछड़ा जिला है। गंगा के किनारे स्थापित दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र छात्राओं को इसका फायदा मिलेगा ।
- विवेक कालेज के प्राचार्य राजीव चौधरी ने विश्वविद्यालय खोलने के लिए बजट आवंटित किए जाने का स्वागत किया है।
- वर्धमान कालेज बिजनौर के पूर्व छात्र नेता नृपेन्द्र देशवाल ने कहा है कि विश्वविद्यालय के लिए बजट का प्रावधान करने का फैसला छात्र हित में है। विश्वविद्यालय खोलने पर जल्द काम शुरू हो।
संस्कृत की पढ़ाई को मिलेगा बढ़ावा
बजट में माध्यमिक विद्यालयों में संस्कृत पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति देने की योजना है । इसके लिए बजट में 10 करोड बजट की व्यवस्था है। बिहारी संस्कृत माध्यमिक विद्यालय चांदपुर के प्रधानाचार्य डॉ पाठक ने संस्कृत भाषा पढ़ने वाले विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति देने का स्वागत किया है। शिक्षाविद डॉ एस के जोशी, हिंदू इंटर कालेज चांदपुर के प्रधानाचार्य रवींद्र कुमार शर्मा का कहना है कि संस्कृत सभी भाषाओं की जननी है। इससे विद्यार्थियों संस्कृत के पठन पाठन की सुविधाएं उपलब्ध होंगी ।