आयोजन स्थल के आसपास शुरू विकास कार्य
- फोटो : amar ujala digital
शासन से जिले की पंचायतों में विकास कार्यों के लिए खूब बजट आया है। पंचायतों के खातों में खूब पैसा है। परंतु पंचायत विकास कार्यों के क्रियान्वयन में दिलचस्पी नहीं ले रही है। डीपीआरओ को पंचायतों के निरीक्षण में आधे अधूरे काम मिले। सफाई व्यवस्था चौपट मिली। जिस पर पंचायत सचिवों को लापरवाही के आरोप में प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए गए हैं।
डीपीआरओ सतीश कुमार ने सहायक जिला पंचायत राज अधिकारी के साथ कोतवाली ब्लॉक की ग्राम पंचायत खुर्रम पुर खड़ग, घन सूर पुर, अमरोली, टांडा माई दास, एवं रायपुर सादात का निरीक्षण किया। निरीक्षण में पाया गया कि ग्रामपंचायत रायपुर सादात को ओडीएफ प्लस के कार्य कराने के लिए 45 लाख रुपये दिए गए हैं। आरोप है कि पांच माह में मात्र सात लाख खर्च किए गए हैं। विकास कार्यों के क्रियान्वयन में दिलचस्पी नहीं ली जा रही है। इस पर प्रधान व सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। सफाई व्यवस्था बदतर मिलने पर तीन सफाई कर्मचारियों को नोटिस दिए गए।
न बिछी टाइल्स और न लगे खिड़की दरवाजे
ग्राम पंचायत घन सूरपुर अमरोली में निर्माणाधीन पंचायत भवन का निरीक्षण किया गया। पंचायत भवन में टाइल्स का कार्य शुरू नहीं किया गया है और न खिड़की दरवाजे लगाए गए हैं। साथ ही बिजली फिटिंग का कार्य भी शुरू नहीं हुआ है। मौके पर सचिव एवं ग्राम प्रधान को बुलाकर निर्देशित किया गया कि अगले 15 दिनों के अंदर पंचायत भवन का निर्माण कार्य शत प्रतिशत पूर्ण कराएं। साथ अभी तक पंचायत भवन निर्माण में लापरवाही बरतने पर सचिव एवं ग्राम प्रधान को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। ग्राम पंचायत में कराएं गए अन्य कार्यों से संबंधित अभिलेख मांगे जाने पर सचिव द्वारा कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। जबकि सचिव को पहले से ही निर्देशित किया गया था कि निरीक्षण के समय समस्त अभिलेखों के साथ ग्राम पंचायत में मौजूद मिले। इसके बाद भी अभिलेख लेकर उपस्थित ना होने एवं उच्चाधिकारियों के आदेश की अवहेलना करने के लिए सचिव को प्रतिकूल प्रविष्टि प्रदान करने के आदेश दिए गए।
जवाब संतोष जनक नहीं तो होगा निलंबन
पंचायत में तैनात सभी पांचों सफाई कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए साथ ही यह भी निर्देश दिए गए कि अगर जवाब संतोषजनक नहीं पाया जाता है तो पांचों के खिलाफ निलंबन की कार्यवाही की जाए। सचिव एवं ग्राम प्रधान को निर्देश दिए गए कि ग्राम पंचायत में वित्त आयोग की धनराशि से प्राइवेट सफाई कर्मचारियों को लगाकर सफाई व्यवस्था ठीक कराएं। ओडीएफ प्लस के कार्यों में धीमी प्रगति के लिए सचिव एवं ग्राम प्रधान को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।