बिजनौर। चीनी के बाद अब प्याज के दामों में भी तेजी आने लगी है। लगातार बढ़ रहे दामों ने रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। पिछले कुछ दिनों में प्याज के दाम करीब 17 फीसदी तक बढ़ गए हैं। बढ़ती कीमतों का असर आम उपभोक्ताओं की खरीदारी पर भी दिखाई देने लगा है।
सब्जी विक्रेताओं के अनुसार मंगलवार को शहर की थोक सब्जी मंडी में प्याज 45 रुपये प्रति किलो के भाव में बिकी। थोक मंडी से सब्जी खरीदकर शहर की दुकानों पर बिक्री करने वाले विक्रेताओं और ठेली वाले प्याज को 55 रुपये प्रति किलो तक बेच रहे हैं। वहीं, पॉश और वीआईपी मार्गों पर लगी दुकानों पर प्याज के दाम 60 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी से गृहिणियों की चिंता बढ़ गई है।
गृहिणी बीना राठी ने बताया कि महंगाई लगातार बढ़ रही है। प्याज के साथ लौकी, तोरी समेत कई अन्य सब्जियों के दाम भी अधिक हैं। यदि प्याज के दाम और बढ़े तो इसकी खरीद कम करनी पड़ेगी।
गृहिणी राजवाला देवी ने कहा कि महंगाई के कारण रसोई का बजट बिगड़ रहा है। प्याज महंगी होने से उन्होंने भी इसका इस्तेमाल कम करना आरंभ कर दिया है। पहले से ही दूसरी सब्जियां महंगी चल रही हैं।
गृहिणी प्रीति का कहना है कि प्याज रसोई की जरूरत है। यह दाल और सब्जी का स्वाद बढ़ाती है, लेकिन रोजाना बढ़ते दामों के कारण रसोई का खर्च बढ़ रहा है। महंगाई के चलते अब प्याज भी सोच-समझकर खरीदनी पड़ रही है।