जिले में मिले कोरोना के लक्षण वाले एक हजार मरीज
बिजनौर। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिले में 24 से 29 जनवरी तक घर-घर किए गए सर्वे में एक हजार से अधिक लोगों में कोरोना जैसे लक्षण मिले हैं। इन लोगों को दवाई की किट दी गई हैं। साथ ही इन्हें घर में रहने और होम सैंपलिंग कराने को भी कहा गया है। इस दौरान 60 साल से अधिक आयु के 11 हजार से अधिक ऐसे लोग भी मिले हैं, जिन्होंने कोरोना से बचाव के लिए अब तक कोरोनारोधी टीकाकरण की पहली डोज भी नहीं लगवाई है। इन लोगों से टीकाकरण कराने को कहा गया है।
कोरोना की सैंपलिंग रोज की जा रही है, लेकिन काफी लोग अब भी जांच कराने से हिचक ही रहे हैं। कोरोना के लक्षण आने के बाद भी ये जांच नहीं कराते हैं और लापरवाही बरतते हुए घरों के बाहर घूमते रहते हैं। ऐसे लोगों की वजह से कोरोना संक्रमण लगातार बढ़ता है। तबीयत खराब होने के बाद भी ये लोग सोचते हैं कि इन्हें कोरोना नहीं है। आमतौर पर तेज बुखार और सांस लेने में तकलीफ को कोरोना का लक्षण माना जाता है। स्वास्थ्य विभाग ने खांसी, जुकाम, बुखार और कोरोना के लक्षण वाले लोगों को चिह्नित करने के लिए अभियान चलाया था। इसमें 6.98 लाख घरों का सर्वे किया गया था। इसमें एक हजार 132 लोगों में कोरोना के लक्षण मिले हैं। सभी से स्वास्थ्य की जांच कराने को कहा गया है। इसके अलावा जुकाम, बुखार, खांसी आदि के भी करीब एक हजार 400 मरीज मिले हैं। इन लोगों को दवाइयों की एक हजार 123 किट भी दी गई हैं।
प्लानिंग यूनिट लक्षण वाले टीकाकरण से छूटे
बिजनौर शहर 19 123
चंदक 254 1457
धामपुर 96 2010
हल्दौर 301 1214
जलीलपुर 168 1242
कासमपुर गढ़ी 16 1090
किरतपुर 21 483
कोतवाली-ए 26 553
कोतवाली-बी 24 400
नगीना 0 40
नजीबाबाद शहर 23 544
नजीबाबाद देहात 00 856
नहटौर 37 666
नूरपुर 101 671
स्योहारा 46 190
नोट : आंकड़े स्वास्थ्य विभाग से लिए गए हैं।
नियमित टीकाकरण से छूटीं महिलाएं और बच्चे
अभियान में नियमित टीकाकरण से छूटीं गर्भवती महिलाओं व दो साल तक के बच्चों को भी चिह्नित किया गया है। चार हजार 626 गर्भवती महिलाएं और नौ हजार 605 महिलाएं ऐसी मिली हैं, जिन्होंने नियमित टीकाकरण पूरा नहीं कराया है। टीकाकरण अभियान के नोडल अधिकारी डॉ. अशोक कुमार के अनुसार जिले में सभी लोगों को कोरोनारोधी टीकाकरण कराने के लिए कहा जा रहा है। कोरोना के लक्षण वाले मरीजों को जांच कराने को कहा गया है।