एक हजार कंबलों को बाजार की प्रतीक्षा
नजीबाबाद(बिजनौर)। कंबल कारखाने द्वारा तैयार एक हजार से अधिक कंबलों को सीजन समाप्त होने पर बाजार नहीं मिल पाया है। जीर्णोद्धार के बाद नजीबाबाद के कंबल कारखाने ने एक हजार से अधिक कंबल तैयार किए हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की बंद पड़ी कंबल इकाइयों को पुनर्जीवित करने की योजना में नजीबाबाद के बंद कंबल कारखाने ने करीब पांच माह पूर्व कंबल निर्माण शुरू किया। उप्र खादी ग्रामोद्योग के सचिव नवनीत सहगल के प्रयास से नजीबाबाद के दो दशक से बंद कंबल कारखाने का करीब 55 लाख रुपये की लागत से जीर्णोद्धार हुआ था। कंबल कारखाना प्रबंधक/व्यवस्थापक राम कवांर की देखरेख में कंबल कारखाने ने 1047 कंबल तैयार किए हैं। कंबल तैयार होने के साथ सर्दियों का सीजन समाप्त होने से एक भी कंबल बाजार तक नहीं पहुंच पाया है। कारखाना प्रबंधक का कहना है कि अगले वर्ष सर्दी का मौसम शुरू होने के बाद ही कंबल को बाजार मिल सकेगा। वहीं, कारखाना परिसर नीचा होने के कारण हाल ही में हुई वर्षा से स्टोर के चारों ओर जलभराव हो गया है। कंबल कारखाने से तैयार कंबलों को सर्दी के मौसम में बिजनौर, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, शामली आदि जिलों को उपलब्ध कराया जाएगा। कंबलों का आकार 55 इंच चौड़ा और 94 इंच लंबा है। तैयार कंबल का बाजार मूल्य 497 रुपये निर्धारित किया गया है।