बिजनौर की एक हजार बीघा जमीन पर कब्जा
मंडावर(बिजनौर)।गंगा क्षेत्र में ग्राम पंचायत टीप की करीब एक हजार बीघा जमीन पर उत्तराखंड के अधिकारियों ने कुछ लोगों को काबिज करा दिया। इसका बिजनौर के राजस्व विभाग और चकबंदी के विभाग के अधिकारियों ने विरोध किया। सूचना थाना मंडावर पुलिस पीएसी के साथ मौके पर पहुंच गई और देर शाम तक विवाद नहीं सुलझा है। फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।
मंडावर थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत टीप के दो गांव रामसहाय वाला, हिम्मतपुर बेला गंगा की दूसरी ओर स्थित है। सोमवार को जहां कुछ लोगों ने उत्तराखंड के अफसरों के साथ मिलकर ग्राम पंचायत की करीब एक हजार बीघा जमीन पर मोहनवाला व बादशाहपुर के ग्रामीणों ने कब्जा कर लिया है। शिकायत हुई तो बिजनौर के राजस्व अफसर भी अपने नक्शे और कागजात लेकर मौके की ओर दौड़ पड़े। चकबंदी नक्शा व बंदोबस्त के कागजात लेकर पहुंची राजस्व विभाग की टीम को उत्तराखंड के अफसरों ने वापस जाने को कह दिया। इसके बाद राजस्व विभाग की सूचना पर मंडावर पुलिस फोर्स पीएसी समेत सीमा पर पहुंची। देर शाम तक विवाद नहीं सुलझा तो दोनों राज्यों के अधिकारी लौट गए।
नहीं निकला समाधान, टकराव के हालात
मंडावर। ग्राम पंचायत टीप की करीब एक हजार बीघा जमीन पर दिन भर उत्तराखंड और यूपी के राजस्व अधिकारियों के बीच विवाद होता रहा। उत्तराखंड के अधिकारियों ने बिजनौर के नक्शे और अभिलेखों को नकार दिया। शाम तक कोई समाधान नहीं निकला और यहां टकराव के हालात बने हुए हैं।
मंडावर थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत टीप के दो गांव रामसहयवाल व हिम्मतपुर बेला के ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सीमा पर उत्तराखंड की तहसील (जिला हरिद्वार) लक्सर के गांव मोहनवाला व बादशाहपुर के ग्रामीणों ने उत्तराखंड के अधिकारियों की मदद से ग्राम पंचायत की करीब 1000 बीघा जमीन पर कब्जा कर लिया है। ग्राम प्रधान चंद्रपाल सिंह, पूर्व प्रधान श्यामलाल, रकम सिंह जितेंद्र की सूचना पर पहुंची कानूनगो इंद्रपाल सिंह व लेखपाल नीरज चौहान टीम लेकर मौके पर पहुंचे और कब्जे का विरोध किया उन्होंने चकबंदी विभाग के नक्शे व बंदोबस्त संबंधित अभिलेख उत्तराखंड के अधिकारियों को दिखाए तो उन्होंने इन अभिलेखों को नकार दिया। टीम ने मंडावर पुलिस को सूचना दी तो बालावाली चौकी इंचार्ज पुलिस फोर्स व पीएसी लेकर मौके पर पहुंच गए। पुलिस और पीएसी के पहुंचने के बाद दोनों तरफ के अफसरों में वार्ता दोबारा शुरू हुई, उत्तराखंड के अधिकारी यूपी के अफसरों की बात नहीं सुन रहे थे। देर शाम तक दोनों ओर से वार्ता चलती रही, लेकिन किसी नतीजे पर नहीं पहुंची।
सीमा विवाद का मामला, नक्शों का होगा मिलान: एसडीएम
एसडीएम सदर/ज्वाइंट मजिस्ट्रेट विक्रमादित्य सिंह मलिक ने कहा कि मंडावर गंगा खादर में सीमा विवाद का मामला है। पांच दिन पहले राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम गठित की गई थी। यह टीम सोमवार को सर्वे करने पहुंची थी। उत्तराखंड की लक्सर तहसील टीम से भी वहां के नक्शे मांगे गए हैं। नक्शों का मिलान होगा, सभी अभिलेखों का अध्ययन किया जा रहा है। उसके बाद यदि हमारी जमीन पर कब्जा साबित होता है तो उसे हटवाया जाएगा।
बेनतीजा रही दो घंटे चली वार्ता
पैमाइश की सूचना पर जुटे ग्रामीण, बुलानी पड़ी पुलिस
संवाद न्यूज एजेंसी
खानपुर (रुड़की)। करीब 1500 बीघा कृषि भूमि की पैमाइश करने पर पहुंचे उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के अधिकारियों की लगभग दो घंटे चली वार्ता बेनतीजा रही। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण भी जमा हो गए। विवाद की आशंका को देखते हुए भारी पुलिस और पीएसी बल बुलाया गया। बाद में दोनों प्रदेशों के अधिकारी बिना पैमाइश के लौट गए।
खानपुर क्षेत्र के ग्रामीणों ने लक्सर एसडीएम से इसकी संयुक्त पैमाइश कराने की मांग की थी। इसके बाद लक्सर एसडीएम और बिजनौर एसडीएम सदर के बीच वार्ता हुई थी। सोमवार को लक्सर से तहसीलदार और बिजनौर से राजस्व निरीक्षक, लेखपाल पैमाइश करने के लिए सीमा पर पहुंचे। पैमाइश से पूर्व अधिकारियों ने एक-दूसरे के राजस्व अभिलेखों का अध्ययन कर वार्ता की। लगभग दो घंटे तक चली वार्ता बेनतीजा रही और पैमाइश नहीं हो पाई। तहसीलदार मुकेश चंद रमोला का कहना है कि मौके पर किसानों ने विवादित जमीन को लेकर कोर्ट के कुछ दस्तावेज दिखाए हैं। दोनों ओर के अधिकारी पहले इनका अध्ययन करेंगे। इसके बाद पैमाइश होगी।