बिजनौर में बैराज पर गंगा मछलियां छोड़ते जिला पंचायत प्रशासक (अध्यक्ष) साकेंद्र प्रताप सिंह। स्र
बिजनौर। गंगा नदी में मत्स्य संसाधनों के संरक्षण और जलीय जैव विविधता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रिवर रैंचिंग कार्यक्रम आयोजित किया गया। उत्तर प्रदेश राज्य पोषित योजनांतर्गत कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष साकेंद्र प्रताप सिंह ने गंगा में रोहू, नैन और कतला प्रजाति की एक लाख मत्स्य अंगुलिकाएं प्रवाहित की गईं।
साकेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि गंगा में मछलियों के संचयन से मत्स्य संसाधनों को बढ़ावा मिलेगा। इससे नदी की जलीय पारिस्थितिकी को बनाए रखने और जैव विविधता के संरक्षण में मदद मिलेगी। कहा कि इस तरह के कार्यक्रम पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के साथ मत्स्य पालन से जुड़े लोगों की आजीविका मजबूत करने में भी सहायक हैं। उन्होंने मत्स्य पालकों को वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। अधिकारियों ने तालाबों में आधुनिक पद्धतियों से मत्स्य पालन कर उत्पादन और आय बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने गंगा संरक्षण और मत्स्य संसाधनों के संवर्धन के लिए संचालित योजनाओं को भी महत्वपूर्ण बताया। नदियों में मत्स्य अंगुलिकाओं का संचयन मछलियों की संख्या बढ़ाने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की दिशा में अहम कदम है। इससे मत्स्य संसाधनों के सतत विकास को बढ़ावा मिलेगा और मत्स्य पालकों को दीर्घकालिक लाभ मिल सकेगा।
इस दौरान सहायक निदेशक मत्स्य शिव कुमार, वरिष्ठ मत्स्य निरीक्षक अमित कुमार शुक्ला, मत्स्य निरीक्षक विनय कुमार गौतम और नितेश कुमार गौड़ आदि मौजूद रहे।