नजीबाबाद -जोगीरम्पुरी दरगाह पर मन्नते मांगते जायरीन।संवाद
नजीबाबाद (बिजनौर)। नजफ-ए- हिंद जोगीरम्पुरी दरगाह परिसर में सालाना मजलिसों के अंतिम दिन माहौल बेहद गमगीन रहा। सोगवारों ने सीनाजनी की। मातमी मजलिसों में शिया विद्वानों ने दीन और इस्लाम की हिफाजत के लिए हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों की कुर्बानियां से सबक लेने, नेकी और इंसानियत की राह पर चलने, बच्चों को शिक्षित बनाने की सलाह दी।
अंजुमनों ने मातमी जुलूस बरामद किए और मजलिसों में वाक्याते कर्बला सुन सोगवारों ने सीनाजनी की। इससे पूर्व रात में महफिल-ए-मकासेदा में शायरों ने मौला की याद में कलाम पढ़े। जोगीरम्पुरी दरगाह परिसर में दूरदराज से आईं अंजुमनों ने अंतिम दिन आलम, जुलजना, ताबूत आदि के मातमी जुलूस बरामद किए। नोहा और मर्सिया ख्वानी के साथ बरामद जुलूसों में सोगवारों ने कर्बला के शहीदों की याद में सीनाजनी की।
नसीमुल बाकरी के संचालन में आयोजित मजलिसों को अंतिम दिन मौलाना मुनव्वर अब्बास, मौलाना अली मोहम्मद नकवी, रईस अहमद जारचवी, डॉ. रिहान सैय्यद फैज, मौलाना बाकर काजमी, मौलाना नजफ जैदी, मौलाना रजी हैदर सहित अनेक उलमा ने खिताब किया।