धामपुर में प्रशासन की ओर से बुधवार को जिले के सभी पालिका के चेेयरमैनों, सभासदों और विकास विभाग के अधिकारियों की कार्यशाला का आयोजन हुआ। जिसमें अधिकांश पालिकाध्यक्षों ने मुरादाबाद मंडल के आयुक्त के समक्ष जिले के व्याप्त गंदगी के लिए जिले के प्रशासनिक अधिकारियों को जिम्मेदार को ठहराया।
विनायक मंडप में आयोजित हुई कार्यशाला के मुख्य अतिथि मुरादाबाद मंडल के आयुक्त एल वैंक्टेश्वर लू रहे। कार्यशाला का उद्देश्य जिले की सभी पालिकाओं के साथ गांवों को क्लीन और ग्रीन बनाना है। आयुक्त ने पालिकाध्यक्षों से जानना चाहा कि वे बताएं कि प्रशासन और पालिकाध्यक्ष मिलकर योजना को कैसे सफल बना सकते हैं। धामपुर पालिकाध्यक्ष महमूद हसन कस्सार ने कहा कि वह तो चाहते हैं कि नगर पूरी तरह से साफ सुथरा हो, अतिक्रमण न हो, पर इसके लिए अधिकारियों का पालिका को कोई सहयोग नहीं मिलता।
वह कई बार कूड़ा निस्तारण के लिए एसडीएम के माध्यम से 40 बीघा जमीन खरीदने की फाइल भेज चुके हैं, लेकिन अधिकारियों के असहयोग के कारण अभी कुछ नहीं हो पाया है। शेरकोट पालिकाध्यक्ष शेख कमरूलइस्लाम ने कहा कि पालिका बोर्ड और कर्मी मिलकर अधिक से अधिक सुविधा देने का प्रयास कर रहे हैं। पर उनके यहां भी कूड़ा डालने के लिए पालिका की अपनी जमीन होने के बाद उसका फायदा नहीं उठा रहे हैं। इस जमीन पर अधिकांश लोगों के कब्जे हैं।
दो साल से पानी की टंकी बनी होने के बाद भी जल निगम ने अभी तक पाइप लाइन बिछाकर पेयजल योजना का लाभ दिलाने दायित्व नहीं समझा है। जबकि शेरकोट नगर देश में विश्व विख्यात ब्रुश उद्योग उत्पादक के रूप में जाना जाता है। पालिकाध्यक्ष जावेद विकार ने नगर में कमिश्नर से स्लाटर हाउस के लिए जमीन का दिलाने की मांग की। नगीना पालिकाध्यक्ष शेख खलीलुर्रहमान ने आरोप लगाया कि पूर्ति विभाग से पात्र नागरिकों को सरकार की खाद्यान्न योजना का लाभ नहीं मिल रहा है।
उन्होंने भी नगीना में स्लाटर हाउस बनाने को लेकर चल रहे विवाद को खत्म कराने की मांग की। अन्य पालिकाओं के अध्यक्षों ने भी अपने नगरों की समस्याओं को रखा। कार्यशाला में डीएम जगतराज त्रिपाठी, सीडीओ इंद्रमणि, एडीएम राममूर्ति मिश्रा, एसडीएम सत्येंद्र कुमार सिंह आदि रहे।