नजीबाबाद में पांच सौ और एक हजार रुपये का नोट बंद होने से जनसामान्य और सार्वजनिक क्षेत्रों में उथल-पुथल मच गई। सराफा बाजार से लेकर फड़ कारोबार दिन भर ठप पड़ा रहा। रेलवे स्टेेशन बुकिंग विंडो पर 500 व 1000 के नोट लेकर ट्रेनों के टिकट जारी किए गए, जबकि रोडवेज बसों में सफर करने वाले यात्री परिचालकों की मनमानी के चलते परेशान रहे। उधर, विद्युत निगम द्वारा संचालित सचल विद्युत बिल भुगतान केंद्र का शुभारंभ फीका रहा।
नजीबाबाद क्षेत्र के सराफा बाजार में छोटे-बड़े करीब ढाई सौ प्रतिष्ठान हैं। बड़े नोटों का चलन बंद होने से इस कारोबार में दिन भर खासी उठापटक रही। चर्चा है कि कुछ कारोबारियों ने मौके का फायदा उठाते हुए ऊंचे दामों पर आभूषणों पर बिक्री की, जबकि कुछ कारोबारियों ने परिस्थितियों को भांपकर जोखिम नहीं उठाया और ग्राहक के पास छोटे नोट न होने पर उन्होंने आभूषणों की बिक्री नहीं की। सब्जी मंडी, परचून, कपड़ा, इलेक्ट्रॉनिक आदि अन्य उत्पादों के कारोबारियों के प्रतिष्ठानों एवं फड़ों पर सन्नाटा पसरा रहा। रोजमर्रा का जरूरत का सामान न मिलने से क्षेत्रवासी परेशान रहे। अस्पतालों में उपचार और मेडिकल स्टोर से मरीजों को दवाइयां नहीं मिलीं।
रेलवे स्टेशन परिसर में स्थित बुकिंग विंडो एवं शहर में संचालित रेलवे बुकिंग विंडो पर 500-1000 का नोट लेकर यात्रियों को टिकट मुहैया कराए गए। रोडवेज बसों में सफर करने वाले यात्रियों को कुछ परिचालकों ने मनमानी कर या तो अधिक किराया वसूल किया या फिर उन्हें बीच रास्ते बस से उतार दिया गया। उधर, पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम द्वारा संचालित सचल विद्युत बिल भुगतान केंद्र का बुधवार सुबह शुभारंभ तो हुआ, लेकिन बिल जमा करने पहुंचे उपभोक्ताओं के पास 500 और 1000 रुपये का नोट होने पर उनसे बिल की धनराशि जमा नहीं कराई गई। एसडीओ ने बताया कि उच्च अधिकारियों द्वारा 500 व 1000 रुपये के नोट न लेने के निर्देश दिए गए हैं। उधर, पेट्रोल पंपों पर वाहन चालकों को मजबूरन 500 व उससे अधिक मूल्य का पेट्रोल व डीजल खरीदना पड़ा। विभिन्न शिक्षण संस्थाओं में अध्ययनरत विद्यार्थियों की फीस तक जमा नहीं की गई। वहीं शेरकोट। एक हजार व पांच सौ के नोट बंद होने पर खफा शेरकोट के मुस्लिम समाज के लोगों ने जुलूस निकाल कर पीएम का पुतला फूंका और जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने इसे तुगलकी फरमान बताया। बुधवार सवेरे मुस्लिम समाज के लोग एसबीआई के सामने एकत्र हुए। यहां से उन्होंने नगर में जुलूस निकाला। अली मसजिद चौक पर पहुंच कर प्रदर्शनकारियों ने पीएम मोदी का पुतला फूंका। प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व पालिका अध्यक्ष पद के दावेदार राशिद हुसैन कर रहे थे। राशिद अहमद ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का पांच सौ और हजार के नोट को अचानक बंद करना तुगलकी फरमान है । उन्होंने तंज कसते हुए कि पीएम ने कहा था वह विदेशों से कालाधन वापस लाएंगे, लेकिन जब वह इसमें नाकामयाब हुए तो उन्होंने इन नोटों को बंद कर देश के लोगों को ही परेशान करना शुरू कर दिया है। इस मौके पर रिजवान, सुल्तान, सलमान, अकबर, शारिक आदि रहे। उधर, एसओ का कहना है कि पीएम मोदी के पुतला फुंकने का मामला उनके संज्ञान में नहीं है। वे पता कर पुतला फुंकने वालों पर कार्रवाई करेंगे।
हल्दौर में 500 और 1000 के नोट के बंद होने से ग्रामीणों को परेशानी हुई। नांगलजट, बिलाई, कड़ापुर, अम्हेड़ा, पैजनियां, पावटी, खासपुरा आदि गांवों में बड़े नोटों के चलन पर पाबंदी लगने से लोगों में हड़कंप मचा रहा। लोग बड़े नोटों के बदले छोटे नोट लेने को लेकर भागदौड़ में लगे रहे। दुकानदारों द्वारा पांच सौ का नोट नहीं लेने पर अशिक्षित ग्राहकों की उनसे नोकझोंक हुई। फल विक्रेता रवि, मनसोज कुमार, परचून विक्रेता आलोक कुमार, विकुल कुमार के अनुसार बुधवार को खरीदारी कम हुई है। अजय कुमार, मदनपाल, योगराज, रिंकू, आदेश आदि ने प्रधान मंत्री के इस ऐतिहासिक फैसले की सराहना की है। कांग्रेस के जिला सचिव बीनू मारवाड़ी का कहना है कि इस फैसले से आमजन को भारी परेशानी हुई है। नींदडू़ में बुधवार को बैंक बंद होने के चलते काफी लोग एक दूसरे को हजार व पांच सौ रुपये मूल्य के नोट भिड़ाने की कोशिश करते रहे। ज्यादातर ग्राहक मामूली कीमत का सामान खरीदने के लिए भी पांच सौ और हजार रुपये के नोट दिखाते रहे। साइकिल द्वारा गांव गांव घूमकर बिस्कुट की फेरी करने वाले नसीम ने बताया कि उसने बुधवार को जिस दुकानदार को भी बिस्कुट दिए, उसने कम रुपये की खरीदारी पर भी एक हजार व पांच सौ रुपये का नोट देने का प्रयास किया।
कहीं फैसले का समर्थन, कहीं हुआ विरोध
बिजनौर में नगर वासियों की बैठक में प्रधानमंत्री की ओर से 500 और एक हजार रुपये के नोट बंद किए जाने को एक ऐतिहासिक कदम बताया है।
विकास त्यागी के आवास पर नगर वासियों की एक बैठक का आयोजन किया। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री के इस कदम से काला धन तो समाप्त होगा। इस अवसर पर महेंद्र सिंह त्यागी, तरुण त्यागी, विकास त्यागी, गंभीर सिंह, हेमेंत त्यागी, विपिन व दिनेश कुमार आदि मौजूद रहे। बैठक की अध्यक्षता हरचरन सिंह त्यागी और संचालन संजीव त्यागी ने किया। भाजपा के वरिष्ठ नेता विकास अग्रवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 500 और एक हजार रुपये के नोट बंद करने को ऐतिहासिक फैसला बताया है। प्रधानमंत्री के इस कार्य से भारत आने वाले समय में विश्व का नेतृत्व करेगा। 500 और एक हजार रुपये के नोट बंद होने से देश में महंगाई भी कम होगी व देश की अर्थव्यवस्था सहीं होगी। भाजपा नगर अध्यक्ष नीरज शर्मा ने कहा कि पुराने नोटों की जगह हाई सिक्योरिटी फीचर वाले नोट बाजार में उतरने से देश का विकास होगा। अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति चुनाव जीतने पर खुशी जताई गई। आशीष अग्रवाल, देवांग सेठ, सुभाष बालियान, ओमवीर राणा, विशाल शर्मा, निखिल आदि रहे।
नहटौर/धामपुर। भाकियू की बैठक में केन्द्र सरकार के 500 व 1000 के नोट को बंद करने के अहम फैसले को एक साहसिक कदम बताया गया। ब्लॉक के सभागार में जिला प्रवक्ता मास्टर विजयपाल सिंह की अध्यक्षता एवं ब्लॉक युवा अध्यक्ष संजीव कुमार के संचालन में आयोजित बैठक में जिलाध्यक्ष रामअवतार सिंह ने आगामी 18 नवंबर को सिसौली में किसानों की महापंचायत में अधिक से अधिक किसानों से पहुंचने की अपील की। बैठक में आगामी गन्ना सत्र के लिए 450 रुपये प्रति कुंटल गन्ना का रेट घोषित किए जाने की मांग की गई। गन्ना भुगतान 14 दिन के भीतर एक ही किस्त में किया जाए। बैठक में वक्ताओं ने मोदी सरकार के 500 व 1000 के नोट बंद करने के अहम फैसले को आम जनता के लिए हितैषी बताया। इस मौके पर पुरुषोत्तम सिंह, यशपाल सिंह, बलकरन सिंह, परवीन सिंह, सचिन कुमार, विपिन कुमार, सुभाष चंद्र, राजवीर सिंह, हरीश कुमार आदि रहे। उधर, धामपुर में किसान नेता रणजीत सिंह, भारत भूषण शर्मा, हेतराम, अतुल कुुमार, सुनील कुमार, पंकज कुमार, हृदेश कुमार, पूर्व प्रधान रविराज सिंह, पूर्व प्रधान डॉ. स़ुनील कुमार , पूर्व प्रधान शिशुपाल सिंह, करन सिंह , महावीर सिंह का कहना है कि मोदी के इस फैसले से एक तीर कई शिकार हुए है। पीएम ने देश में छिपे काले धन को बाहर करने का फैसला लिया है।
नोटों के झमेले से बाजार हुआ ठंडा
धामपुर में केंद्र सरकार की ओर से पांच सौ और एक हजार के नोटों को मंगलवार की रात से बंद कर देने से हर वर्ग के लोगों में हड़कंप मचा है।
अस्पतालों में भर्ती मरीजों के तिमारदारों को मेडिकल से दवा खरीदने में भारी दिक्कत आई है। रोडवेज बसों में परिचालक ने उन यात्रियों को टिकट नहीं दिए, जिनके पास खुले पैसे नहीं थे। सरकारी घोषणा के तहत सभी बैंकों में कामकाज पूरी तरह से ठप रहा, एटीएम भी बंद रहा। पेट्रोल पंपों पर पांच सौ से कम का तेल नहीं दिया। पेट्रोल पंप संचालकों का कहना है कि उनके पास खुले नोट न होने से ऐसा किया जा रहा है। बाजार में भी व्यापारी ग्राहकी न होने से हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे। सराफ बाजार में पूरी तरह से विरानी नजर आई है। देवेंद्र कुमार, सचिन, राहुल, किसान नेता उदयराज, गजेंद्र सिंह, जसवंत सिंह का कहना है कि सरकार ने पांच सौ ओर हजार के नोट को बंद कर बड़े लोगों के घर में जमा काला धन अब निकल कर आएगा। मंगलवार रात जब पीएम मोदी ने नोट बंद करने का ऐतिहासिक फैसला सुनाया तो एटीएम में पांच सौ और हजार के नोटों जमा करने के लिए लाइन लग गई।
बैंकों और कैश वैन पर तैनात रहेगी पुलिस
बिजनौर में 500 व एक हजार के नोट बंद होने के बाद बृहस्पतिवार को बैंक खुलने को लेकर पुलिस ने भी व्यवस्था बनाने की पूरी तैयारी कर ली है। एसपी अजय साहनी ने बुधवार को बैंक व पोस्ट ऑफिस के अधिकारियों को इस संबंध में कड़े निर्देश दिए।
एसपी अजय साहनी ने आवास पर बुलाई बैठक में बैंक अधिकारियों से कहा कि बृहस्पतिवार से हर बैंक शाखा पर दो पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। बैंकों की कैश वैन पर भी पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। उन्होंने बताया कि दिन भर सभी थानों की पुलिस पेट्रोलिंग करेगी और बैंक शाखाओं पर जाकर स्थिति का जायजा लेगी। बैंकों व डाक खानों में किसी भी तरह की अव्यवस्था नहीं होने दी जाएगी। एसपी देहात डॉ. धर्मवीर सिंह ने कहा कि बैंक कर्मचारी निडर होकर काम करें। बैंकों में भीड़ से निपटने के सभी इंतजाम किए जाएंगे। जो भी अव्यवस्था करेगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि बैंक कर्मी भी अपनी तरफ से पूरी व्यवस्था रखें। बैंक में भीड़ होने पर लाइन लगवाकर सारी औपचारिकताएं पूरी करें। मंगलवार रात डीजीपी जाविद अहमद ने पूरे सूबे में अलर्ट घोषित कर दिया है। वायरलैस के जरिए सूबे की पुलिस को दिए संदेश में डीजीपी ने कहा कि बैंकों पर पुलिस विशेष सतर्कता बरते। शांति व्यवस्था नहीं बिगड़नी चाहिए। कहीं कोई हंगामा न करें। पुलिस पूरी तरह मुस्तैद रहे। इस मामले में कोई कोताही न बरती जाए। शांति व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी पुलिस की है।