धामपुर। तहसीलदार गोपश तिवारी ने बताया कि इकड़ा नदी के अतिक्रमण और अवैध कब्जों के मामले में राजस्व की टीमों की ओर से सर्वे रिपोर्ट आनी शुरू हो रही है। केवल नगर की भीतरी आबादी का सर्वे शेष बचा है। जो एक दो दिन में पूरा होने के बाद यह भी प्राप्त हो जाएगा। बकौल तहसीलदार , अब तक जो सर्वे रिपोर्ट मिली है, उससे साफ जाहिर है नदी की जमीन पर लोगों के अवैध कब्जे है और कुछ स्थानों पर अतिक्रमण भी है। चारों टीमों की सर्वे रिपोर्ट आने के बाद अतिक्रमण और अवैध कब्जों को मुक्त कराने का अभियान चलेगा।
नगर के बीच से गुजर रही इकड़ नदी ने नाले का आकार ले रखा है। जंगलों में लोगों ने नदी की जमीन पर अवैध कब्जे कर खेती कर रखी है। एक सप्ताह पहले तहसीलदार गोपेश तिवारी ने इकडा नदी की जमीन का राजस्व अभिलेखों के अनुसार सर्वे कराना शुरू किया है। इसके लिए विभाग की ओर से चार टीमों का गठन किया गया है। बताया कि टीमों में शामिल लेखपालों ने जंगल में प्रवाहित नदी की जमीन का रिकार्ड देखा, जिसके अनुसार सर्वे कार्य पूरा कर रिपोर्ट को पेश कर दी है। अब केवल धामपुर नगर के भीतरी भाग में प्रवाहित नदी की जमीन का रिकार्ड के अनुसार सर्वे होना शेष बचा है। जो एक या दो दिन में पूरा होने की संभावना है।
सोमवार को फिर टीमों में शामिल लेखपालों को सर्वे कार्य पूरा करने को निर्देशित किया गया है। तहसीलदार के अनुसार अब तक प्राप्त सर्वे रिपोर्ट के अनुसार जंगलों में लोगों ने नदी की जमीन पर व्यापक पैमाने पर कब्जे कर रखा है। नदी की जमीन को खेती की जमीन में मिला कर उसके ऊपर खेती की जा रही है। विभागीय अधिकारियों ने यह प्लॉन बनाया है कि जब सभी टीमों की ओर से सर्वे रिपोर्ट प्राप्त हो जाएगी। तभी अतिक्रमण और अवैध कब्जों को हटाने का काम शुरू कर दिया जायेगा।
क्षेत्र के लोगों की ओर से नदी को पूर्व स्वरूप में लाने को अभियान चलाने की मांग की जा रही है। बताया गया है कि नदी की जमीन पर अतिक्रमण और अवैध कब्जों के होने से नदी ने नाले का आकार ले रखा है। जिससे बरसात के दिनों में पानी की सही से निकासी न होने से बाढ़ की स्थिति पैदा हो जाती है, जिससे लोगों का भारी नुकसान होता है।