नूरपुर विधानसभा : एकजुट नजर आए मुस्लिम, सैनी और दलित का रुख महत्वपूर्ण
नूरपुर। विधानसभा क्षेत्र में मतदान शांतिपूर्ण संपन्न हुआ। नूरपुर विधानसभा क्षेत्र में मुस्लिम वोटरों में बिखराव नजर नहीं आया, अधिकांश का रुख गठबंधन की तरफ दिखा। हिंदुओं में तमाम जाति-बिरादरी का वोट भाजपा की ओर दिखा। इनमें सैनी और दलितों में बंटवारा भी नजर आया। दलित वोट बसपा और भाजपा दोनों ओर दिखा। सैनी वोट का बंटवारा भाजपा और गठबंधन के बीच होता दिखा। गठबंधन और भाजपा मुकाबले में नजर आई। बसपा भी मुस्लिम वोट लेने और अपने परंपरागत वोट बैंक के भरोसे मुकाबले में बनी रह सकती है।
निर्धारित समय सुबह सात बजे सभी मतदान केंद्रों पर चुनाव शुरू हो गया। सुबह नौ बजे तक मतदान केंद्रों पर भीड़ नजर आई और दो घंटे में करीब 8.5 प्रतिशत मतदान हुआ। इसके बाद मतदान की रफ्तार सुस्त हो गई। दोपहर के बाद मतदान में फिर तेजी आई। फतेहाबाद के बूथ संख्या 343 पर ईवीएम में खराबी आने से करीब आधा घंटा मतदान बाधित रहा। बाद में बैटरी बदलकर मशीन को ठीक किया गया। निर्धारित समय शाम छह बजे तक कई मतदान केंद्रों पर वोट डालने के लिए मतदाताओं की लाइन लगी हुई थी।
सैनी बिरादरी के मत पाने के लिए मची होड़
भाजपा और सपा में सैनी वोटों को पाने के लिए होड़ मची रही। नूरपुर विधानसभा से करीब 30 हजार से अधिक सैनी बिरादरी के मतदाता हैं। हिंदू मतदाताओं में ठाकुर व दलितों के बाद सबसे अधिक सैनी वोट हैं। इस चुनाव में सैनी मतों को निर्णायक माना जा रहा है। सैनी वोट भाजपा का परंपरागत वोट माना जाता है, लेकिन इस बार सपा से सैनी प्रत्याशी होने के चलते इनमें बिखराव की आशंका व्यक्त की जा रही है। भाजपा व सपा ने इन वोटों को अपने पक्ष में करने के लिए पूरा जोर लगा रखा था। ऐसा माना जा रहा है कि जिस ओर सैनी बिरादरी का रुख होगा, उसी पार्टी को नूरपुर में जीत हासिल होगी।