बिजनौर। मंगलवार को शिक्षक-कर्मचारियों की एनपीएस-यूपीएस के विरोध व पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर कृषि विभाग के सभागार में बैठक हुई। बैठक में अटेवा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पश्चिमी जोन प्रभारी चंद्रहास सिंह ने कहा कि एनपीएस-यूपीएस केवल पूंजीपतियों का षड्यंत्र है। इसमें केवल पूंजीपतियों का लाभ पुरानी पेंशन में ही शिक्षकों एवं कर्मचारियों का भविष्य सुरक्षित है।
अब पुरानी पेंशन बहाली का संघर्ष निर्णायक मोड़ पर है। ये हमारे बुढ़ापे की लाठी है, जिसके लिए ईमानदारी से संघर्ष करने की आवश्यकता है। कृषि मिनिस्ट्रियल एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष कपिल कुमार ने कहा कि यह हमारे भविष्य का सवाल है। हम अटेवा के प्रत्येक संघर्ष में साथ हैं। सिंचाई संघ के जिला अध्यक्ष शूरवीर सिंह ने कहा कि पुरानी पेंशन हमारा संवैधानिक अधिकार जिसके लिए अटेवा ईमानदारी से संघर्षरत है। डिप्लोमा फार्मासिस्ट संगठन के जिलाध्यक्ष राजेश कुमार रवि एवं विद्युत प्राविधिक कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष लोकेंद्र चौधरी ने सभी कर्मचारियों से पुरानी पेंशन बहाली के लिए सभी शिक्षकों एवं कर्मचारियों को संगठित होने की आवश्यकता है।
अधीनस्थ कृषि सेवा संघ के जिलाध्यक्ष लखबीर सिंह की अध्यक्षता एवं जिला मंत्री रामप्रसाद के संचालन में हुई बैठक में निर्भय कुमार, नरेश कुमार सैनी, राजविंदर सिंह, अरुण कुमार, मनीष चौधरी, महेश कुमार, राजीव कुमार, विशाल तोमर, आदित्य वीर आदि मौजूद रहे।