अब किरतपुर, नूरपुर और स्याऊ में भी टीबी की होगी जांच
बिजनौर। किरतपुर, नूरपुर और स्याऊ क्षेत्रवासियों को अब टीबी जांच कराने के लिए जिला मुख्यालय की दौड़ नहीं लगानी होगी। इसके लिए तीन ट्रूनॉट मशीनें प्राप्त हुई हैं। जिला क्षय रोग अधिकारी के अनुसार इन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर जांच की व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है।
केंद्र सरकार ने भारत को टीबी मुक्त करने के लिए वर्ष 2025 तक का लक्ष्य दिया है। वर्तमान में जनपद में दो प्रकार से टीबी की जांच की जाती है। एक एक्सरे और दूसरी बलगम (स्पुटम) लेकर। पंडित दीनदयाल उपाध्याय जिला संयुक्त चिकित्सालय और जिला टीबी अस्पताल में दोनों प्रकार से टीबी की जांच की जाती है। इसके अलावा नजीबाबाद और धामपुर में सीबीनॉट मशीन से टीबी की जांच की जा रही है। जिला क्षय रोग निवारण अधिकारी डॉ. बीएस रावत ने बताया कि वर्तमान में जिलेभर में करीब 3665 मरीज उपचार पर हैं। इन्हें निक्षय पोषण भत्ता योजना के अंतर्गत 500 रुपये प्रतिमाह दिए जाते हैं। जिले में जांच का दायरा बढ़ाने के लिए किरतपुर, नूरपुर और स्याऊ स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को ट्रूनॉट मशीनें दी गई हैं। इस व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई। जिला क्षय रोग निवारण अधिकारी ने सभी लोगों से अधिक से अधिक संख्या में सरकारी अस्पतालों में ही टीबी जांच कराने की अपील की है।