अब तौल लिपिकों की नियुक्ति कर रहा सॉफ्टवेयर
बिजनौर। अब चीनी मिलों के गन्ना क्रय केंद्रों पर तौल बाबू अपनी मनमर्जी से नियुक्ति नहीं करा सकेंगे। शासन ने अब तौल बाबुओं की नियुक्ति के लिए ईआरपी सॉफ्टवेयर से करने के निर्देश दिए हैं। अगर कोई मिल सॉफ्टवेयर के अनुसार कार्रवाई नहीं करेगी तो मिल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
गन्ना क्रय केंद्रों पर तौल बाबू मनमानी करते हैं। क्रय केंद्रों पर घटतौली के मामले सामने आते रहते हैं। बिजनौर के एक क्रय केंद्र पर गन्ना घटतौली भी पकड़ी जा चुकी है। तौल बाबू अपनी मनमर्जी से क्रय केंद्रों पर नियुक्ति लेते हैं। पहले तौल बाबुओं की नियुक्ति गन्ना समिति व मिल के अफसर मिलकर करते थे। दोनों के अफसरों की मौजूदगी में एक जगह क्रय केंद्र व एक जगह तौल बाबू की पर्ची डाली जाती थी। लॉटरी सिस्टम के जरिए तौल बाबुओं को क्रय केंद्रों पर भेजा जाता था। तौल बाबू समिति व मिल अफसरों से मिलकर अपने प्रभाव वाले क्षेत्रों में नियुक्ति पा लेते थे। अपने प्रभाव वाले क्षेत्रों में ये लोग किसानों के गन्ने में घटतौली करते थे। शासन ने इसके खिलाफ कड़े कदम उठाए हैं। अब गन्ना क्रय केंद्रों पर तौल बाबुओं की नियुक्ति ईआरपी (इंटरप्राइजेज रिसोर्स प्लान) सॉफ्टवेयर से हो रही है। सॉफ्टवेयर में पूरी जानकारी होती है कि कौन बाबू पहले किस क्रय केंद्र पर रह चुका है। इसी के अनुसार उसे दूसरी जगह भेजा जाएगा।
क्रय केंद्रों पर मिले दूसरे क्रय केंद्रों के बाबू
डीसीओ यशपाल सिंह व अपर सांख्यिकी अधिकारी विकल भारती ने शनिवार को क्रय केंद्रों का निरीक्षण किया। छोईया नंगली प्रथम, चंदनपुरा प्रथम, बाटपुरा, खतापुर, बजीदपुर, हासमपुर में कार्यरत तौल बाबू ईआरपी सिस्टम के तहत नियुक्त नहीं थे। सिस्टम द्वारा तौल करते हुए बाबुओं की नियुक्ति इन केंद्रों पर नहीं की गई थी। इस मामले में सभी के खिलाफ कार्रवाई होगी।
होगी सख्त कार्रवाई
जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह ने बताया कि सॉफ्टवेयर के अनुसार नियुक्ति तौल बाबू ही संबंधित केंद्र्रों पर तौल करेंगे। ऐसा न हुआ तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।