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अब स्कूलों को मिली कंपोजिट ग्रांट की होगी जांच

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अब स्कूलों को मिली कंपोजिट ग्रांट की होगी जांच
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बिजनौर। परिषदीय स्कूलों की व्यवस्था सुधारने के लिए शासन सख्त है। अब शासन ने स्कूलों को मिली कंपोजिट ग्रांट की जांच कराने के निर्देश दिए हैं। स्कूलों के लिए खरीदी गई विज्ञान किट वह खेल किट भी जांच के दायरे में हैं। स्कूलों के सामान की खरीदारी में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों को प्रतिवर्ष कम कंपोजिट ग्रांट उपलब्ध कराई जाती है। स्कूलों की कंपोजिट ग्रांट से स्कूलों का सुंदरीकरण, रखरखाव आवश्यक सामग्री क्रय की जाती है। अब स्कूलों को मिलने वाली कंपोजिट ग्रांट को लेकर प्रशासन सख्त हो गया है। राज्य परियोजना निदेशक विजय किरण आनंद ने सूबे के स्कूलों को उपलब्ध कराई गई कंपोजिट ग्रांट की जांच कराने के शिक्षा विभाग के अफसरों को निर्देश दिए हैं। स्कूलों को प्राप्त कराई गई कंपोजिट ग्रांट का उपयोग किया गया है अथवा नहीं, इसकी भी जांच पड़ताल की जाएगी। इस विद्यालय को कितनी धनराशि मिली तथा उस धनराशि से विद्यालय में क्या-क्या कार्य कराए गए हैं। इसको भी रखा जाएगा। सामान की खरीदारी में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। राज्य परियोजना निदेशक ने स्कूल के बच्चों को विज्ञान शिक्षा रुचिकर बनाने के लिए उपलब्ध कराई गई विज्ञान किट की भी जांच करने के निर्देश दिए हैं। विज्ञान किट में क्या-क्या सामग्री क्रय की गई है और विज्ञान किट का स्कूलों में उपयोग कराया जा रहा है या नहीं, इसकी भी जांच पड़ताल की जाएगी। साथ ही परिषदीय प्राथमिक विद्यालय के खेल सामग्री क्रय करने के लिए पांच ख 5000 की धनराशि तथा उच्च प्राथमिक विद्यालयों को खेल सामग्री के रूप में ख 10000 की धनराशि करने के निर्देश दिए गए थे। स्कूलों को धनराशि उपलब्ध कराई गई थी या नहीं, समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत स्कूलों को धनराशि खेल की खरीदारी की गई है अथवा नहीं, इसकी भी जांच शिक्षा विभाग के अफसर करेंगे। सामग्री की खरीदारी में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उधर, जिला समन्वयक निर्माण सलीम अख्तर बेग ने बताया कि लॉकडाउन शुरू होने से पहले ही स्कूलों के खातों में कम अपोजिट ग्रांट भेज दी गई थी, ताकि विद्यालयों का सुंदरीकरण करा लिया जाए। दूसरी ओर बीएसए महेश चंद ने जिले के सभी परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों को 15 जुलाई तक कंपोजिट ग्रांट से कार्य पूरा कराने के निर्देश दिए हैं। कार्य पूरा नहीं होने पर सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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