बिजनौर के गांव गजरौला शिव के किसान सेवा केंद्र में निराश्रित पशुओं को बांधने के लिए किया गया निर्
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अब फसलों को बर्बाद नहीं करेंगे निराश्रित पशु
गजरौला शिव। अब निराश्रित पशु किसानों की फसलों को बर्बाद नहीं कर पाएंगे। शासन ने उनके लिए बंदोबस्त करना शुरू कर दिया है। शासन ने ब्लॉक स्तर पर गांवों में बदहाल पड़े किसान सेवा केंद्र, खाद गोदाम व अन्य ऐसे केंद्र जो वर्षों से खंडहर में तब्दील हैं, उनकी मरम्मत कराकर उनमें छुट्टा पशु बांधे जाएंगे।
उत्तर प्रदेश सरकार ने करीब 30 वर्ष पहले न्याय पंचायत स्तर पर ग्रामीण क्षेत्रों में लाखों रुपये की लागत से किसान सेवा केंद्र बनाए थे। कुछ सेवा केंद्रों में तो किसान न्याय पंचायत स्तर पर बैठ करते थे। कुछ बदहाल पड़े केंद्रों में अब उनकी आंशिक मरम्मत कराकर अस्थाई गोशाला बनाई जा रही हैं। ब्लॉक मोहम्मदपुर देवमल की न्याय पंचायत गजरौला शिव में बना किसान सेवा केंद्र बदहाल पड़ा है। दो माह पहले भी यहां पशु बांधे गए थे, लेकिन यहां व्यवस्था सुधर नहीं पाई थी। अब ग्राम विकास अधिकारी ने बदहाल पड़े किसान सेवा केंद्र की आंशिक मरम्मत करा दी है। केंद्र में टूटी पड़ी दीवार को बनवा कर उसमें पशुओं को चारा खिलाने के लिए सीमेंट व ईंटों से लंबी-लंबी चर बनाई गई हैं, अस्थायी गौशाला से पशु बाहर न निकले उसके लिए भी गेट लगवाया गया है, जिनमें 20 से 30 पशु बांधने जा सकते हैं। अब किसान सेवा केंद्र में किसानों की पंचायत न होकर छुट्टा पशु बांधे जाएंगे। किसान सेवा केंद्र का निर्माण सन 1992-93 में कराया गया था। ग्राम विकास अधिकारी निर्भय कुमार तोमर ने बताया कि ब्लॉक स्तर पर आदेश मिला है कि अस्थाई तौर पर किसान सेवा केंद्र की मनरेगा से आंशिक मरम्मत कराकर पशुओं को चारा खिलाने के लिए चर बनाई गई है। ताकि आवारा घूम रहे छुट्टा पशुओं को पकड़ कर अस्थाई तौर पर बांधा जाए।
निराश्रित पशुओं के लिए व्यवस्था
डीपीआरओ सतीश कुमार ने बताया कि शासन के आदेश पर बदहाल पड़े किसान सेवा केंद्र की आंशिक मरम्मत कराकर निराश्रित घूम रहे पशुओं को पकड़ कर अस्थाई तौर पर पशुओं को बांधने की व्यवस्था कराई गई है।