बिजनौर के अफजलगढ़ मेंनोटबंदी के चलते बैंकों की हालत में कोई सुधार नहीं दिख रहा। बैंकों में ग्राहकों को कैश की किल्ल्त से परेशान हैं। वहीं पीएनबी कासमपुरगढ़ी में दलालों के बढ़ते हस्तक्षेप से ग्राहक परेशान हैं।
नोटबंदी से ग्राहक भले ही परेशान हैं, लेकिन बैंक अधिकारी भी केंद्र सरकार की नीतियों को पलीता लगाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं। कासमपुरगढ़ी पीएनबी में भी हालात बेहद खराब हो चुके हैं। ग्राहक सोमपाल, रमेश चंद्र शेखावत, महेंद्र सिंह, विमल कुमार का आरोप है कि पीएनबी कासमपुरगढ़ी में दलालों का बोलबाला है। सवेरे से ही दलाल सक्रिय हो जाते हैं। आरोप है कि दलाल रुपये लेकर पहले ही टोकन ले लेते हैं, जबकि ग्राहकों को लाइन में लगकर टोकन लेना पड़ता है। विरोध करने पर पुलिस व बैंक मैनेजर अभद्रता करते हैं। ग्राहकों की आवाज को दबाया जाता है। आरोप है कि वैवाहिक कार्यक्रमों के लिए एक सप्ताह पहले आवेदन करने के बाद भी ग्राहकों को कैश नहीं दिया जा रहा है। पीएनबी कासमपुरगढ़ी में सौ से ज्यादा ग्राहकों ने विवाह में कैश की जरूरत के लिए आवेदन किया, लेकिन दो चार को छोड़ दिया जाए तो मैनेजर ने किसी भी ग्राहक को विवाह के लिए पूरा कैश नहीं दिया। वहीं, अफजलगढ़ के पीएनबी, स्टेट बैंक, सर्व यूपी बैंक, सहकारी बैंक, कादराबाद सिंडीकेट बैंक अपने उपभोक्ताओं को शासनादेश के अनुसार 24 हजार की राशि नहीं दे पा रहे हैं। एक दो हजार रुपये देकर पीछा छुड़ाया जा रहा है। ग्राहकों ने एलडीएम से शासनादेश के अनुसार सप्ताह में 24 हजार रुपये दिलाने की मांग की है। शेरकोट के पीएनबी मैनेजर पर भी ग्राहकों ने कैश वितरण में घालमेल करने का आरोप लगाया है। आरोप है कि पीएनबी के मैनेजर ने एक ही दिन में दो खातों में 49-49 हजार रुपये का उलटफेर कर दिया। जब इसकी शिकायत की तो बैंक मैनेजर ग्राहक से अभद्रता करने लगा। उधर, शेरकोट के पीएनबी मैनेजर चमन लाल का कहना है कि मामला बेबुनियाद है। किसी भी खाते में कोई फेरबदल नहीं किया।