बिजनौर जिले के कालागढ़ में वन विभाग ने कार्बेट टाइगर रिजर्व के वनों को आग से बचाने की कवायद शुरू कर दी है। कार्बेट टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक अमित वर्मा ने बताया कि इस बार यदि वनों में आग से क्षति हुई तो विभाग के अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है।
कार्बेट टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक अमित वर्मा ने बताया कि वनों में पतझड़ और झाड़ियों के फैल जाने से अक्सर आग पेड़ों व वन संपदा को लील लेती है। पिछले वर्ष भी वनों में लगी आग ने काफी क्षेत्र को नुकसान पहुंचाया था। इस बार वन विभाग अभी से आग के खिलाफ कार्रवाई करने में जुट गया है। इस बारे में टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक अमित वर्मा ने बताया कि आग लगने को लेकर हाईकोर्ट पहले ही काफी गंभीर हो चुका है। इस बार यदि आग लगी तो वन विभाग के अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। इसलिए वनों को आग से बचाने के लिए कार्बेट टाइगर रिजर्व व कालागढ़ टाइगर रिजर्व के वन अधिकारियों को दिशा निर्देश जारी कर दिए गए हैं। दोनों ही प्रभागों की रेंज में आबादी से लगे इलाके काफी संवेदनशील है। कालागढ़, ढेला, झिरना, सर्पदूली, पाखरो, सोनानदी बिजरानी रेंज आबादी के सीधे संपर्क में है।
एक सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि इस बार फंड की कमी है। इसके लिए उच्चाधिकारियों को प्रस्ताव भेजा गया है। आग से बचाव के लिए 20 करोड़ रुपये की मांग की गई है।