वार्ता के दौरान शिक्षकों में नोकझोंक
धामपुर। आरएसएम डिग्री कालेज में कालेज के कार्यवाहक प्राचार्य को पद से हटाने की मांग को लेकर चल रहे धरने के छठे दिन शिक्षकों में आपसी टकराव की स्थिति पैदा हो गई। काफी देर तक कालेज में हंगामे का दौर चलता रहा है। कालेज की प्रबंधकीय कार्यकारिणी के सचिव वार्ता करने पर पहुंचे तो उनके सामने ही प्रदर्शनकारियों ने एक-दूसरे के खिलाफ नोकझाेंक शुरू कर दी। सचिव ने शिक्षकों के प्रदर्शन को गैर कानूनी बताते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई करने की हिदायत दी है।
गौरतलब है कि आरएसएम कालेज के शिक्षक कार्यवाहक प्राचार्य डा. रंजन अग्रवाल को पद से हटाने की मांग को लेकर पिछले पांच दिनों से कालेज में धरना देते आ रहा है। बृहस्पतिवार को आंदोलन का छठा दिन रहा। इस दौरान आंदोलनकारी शिक्षकों को आंदोलन को समर्थन देने के लिए रुहेलखंड विवि शिक्षक संघ के कुछ पदाधिकारी कालेज पहुंचे थे। रुटा के सचिव डा. सुदेश कुमार जब आंदोलनकारी शिक्षकों से वार्ता करने के बाद कार्यवाहक प्राचार्य से समस्या का निदान कराने के मामले को लेकर डा. रंजन अग्रवाल के पास गए तो वह अर्थशास्त्र संकाय के कक्ष में अन्य शिक्षकों के साथ बैठे हुए थे। इस दौरान डा. रंजन अग्रवाल की ओर से वार्ता के लिए कक्ष में पहुंचे रुटा के पदाधिकारियों को बैठाया और उनसे वार्ता करने का प्रयास कर रहे थे, तभी अचानक आंदोलनकारी एक शिक्षक ने वहां पर पहले से मौजूद शिक्षक डा. वीके सिंह को कक्ष से बाहर चले जाने को कहा। डा. वीके सिंह आहत हुए और शिक्षक का विरोध किया। कक्ष में रूटा के पदाधिकारियों की डा. रंजन अग्रवाल से कोई वार्ता नहीं हो सकी। कक्ष में शिक्षकों का काफी देर तक नोकझोंक चलता रहा। उधर, आंदोलनकारी शिक्षक डा. सौराज सिंह, डा. मनोज कुमार, डा. रश्मि शर्मा रावल, डा. मुकेश कुमार ने चेताया कि जब तक प्राचार्य को नहीं हटाया जाता है तो आंदोलन जारी रहेगा।
कुलपति से वार्ता कर कालेज में कराई जाएगी रिसीवर की तैनाती
रूटा के सचिव डा.सुदेश कुमार का कहना है कि मामला गंभीर है। इस मामले में कालेज की प्रबंध समिति के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वह कुलपति से मिलकर व्यवस्था में सुधार लाने को कालेज में रिसीवर की तैैनाती की मांग करेंगे, जिससे छात्र-छात्राओं की पढ़ाई का नुकसान न हो।
शिक्षकों का आंदोलन गैर कानूनी
कालेज की प्रबंधकीय कार्यकारिणी के सचिव रामनारायण सिंह का कहना है कि शिक्षकों का आंदोलन पूरी तरह से गैर कानूनी है। प्रबंधन की ओर से आरोपी शिक्षकों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी। 25 नवंबर से बीएससी कृषि संकाय की सेमेस्टर परीक्षा होने जा रही है। गैर महाविद्यालयों के बच्चे यहां पर परीक्षा देने को आएंगे। परीक्षा को किसी प्रकार से बाधित नहीं होने दी जाएगी। वह इस मामले में कुलपति से वार्ता कर प्रकरण से अवगत कराने का प्रयास करेंगे।