दिव्यांग बच्चों का सहारा बनेंगे नोडल शिक्षक
बिजनौर। दिव्यांग बच्चों को पढ़ाकर होशियार बनाने के लिए सभी परिषदीय विद्यालयों में एक शिक्षक को नोडल बनाया जाएगा। नोडल शिक्षक उनकी शिक्षा-दीक्षा के लिए पूर्ण रूप से जिम्मेदार होंगे। शिक्षक दिव्यांग बच्चों को सामान्य बच्चों के साथ ही बैठा कर एप और विशेष शिक्षण सामग्री के माध्यम से पढ़ाएंगे।
राज्य परियोजना निदेशक ने बिजनौर समेत सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को दिव्यांग बच्चों को सामान्य बच्चों के साथ बैठाकर पढ़ाने व सभी विद्यालयों में नोडल शिक्षक बनाने के संबंध में निर्देश दिए हैं। शिक्षा विभाग की ओर से दिव्यांग बच्चों के सपनों को पूरा करने के लिए एक प्रयास किया जा रहा है। विभाग की ओर से समय-समय पर कैंप लगाकर उन्हें शिक्षा में सहायक उपकरण किट्स आदि प्रदान की जाती रही हैं। उनकी शिक्षा के लिए प्रत्येक ब्लॉक में स्पेशल एजुकेटर भी रखे गए हैं, जो दिव्यांग बच्चों वाले स्कूलों की समय-समय पर विजिट कर बच्चों को सहायता प्रदान करते हैं।
प्रत्येक विद्यालय में दिव्यांग बच्चों के लिए एक शिक्षक को नोडल नामित कर इनका जिम्मेदार बनाया जा रहा है। यह शिक्षक समर्थ नाम का मोबाइल ऐप डाउनलोड करके उसमें दी गई विभिन्न गतिविधियों के सहारे दिव्यांग बच्चों को सामान्य बच्चों के साथ बैठाकर पढ़ाएंगे। आवश्यकता पड़ने पर वह स्पेशल एजुकेटर का सहयोग लेते हुए बच्चों को शिक्षा प्रदान करेंगे।
दिव्यांग बच्चों की शिक्षा-दीक्षा के लिए विद्यालयों में तैनात स्टाफ में से ही एक को नोडल बनाया जा रहा है। वह सामान्य बच्चों में उन्हें बैठाकर मोबाइल एप व विशेष शिक्षण सामग्री के सहयोग से पढ़ाएंगे
- जयकरन यादव, बीएसए