नजीबाबाद की दूषित मालन नदी में सब्जियां धोते लोग।
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बिजनौर के नजीबाबाद में मालन नदी में शहर का गंदा पानी डाला जा रहा है और रोजाना इस दूषित पानी में सब्जियां धुलकर नगर की मंडियों में पहुंच रही है। खाद्य निरीक्षक एवं सफाई निरीक्षक ने इस स्थिति से अनभिज्ञता जताई है। उधर, चिकित्सक का मानना है कि दूषित पानी में धुली सब्जियों का सेवन कर लोग बीमार पड़ सकते हैं।
नगर के पश्चिमी क्षेत्र के कुछ मोहल्लों का गंदा पानी नालों से सीधे मालन नदी में डाला जा रहा है, जिससे मालन नदी काफी प्रदूषित हो चुकी है। मालन नदी के दोनों ओर नदी से सटे खेतों में किसान सब्जियों की पैदावार करते हैं। इसमें प्रमुख रूप से मूली, गाजर, बैंगन, फूल गोभी, पत्ता गोभी, शलजम, पालक, सरसों, आलू की खेती की जाती है। सब्जी की फसल खेत से लेने के बाद किसान और उनके परिजन फसल को लेकर नदी पर पहुंच जाते हैं। और किसी भी तरह की परवाह किए बगैर सब्जियों को नदी के गंदे पानी में धोने में जुट जाते हैं। दिन निकलने से पहले से और दोपहर बाद तक लोग कई क्विंटल सब्जियां नदी के पानी में धोकर टैंपो, बुग्गी आदि से इसकी सप्लाई नगर की मंडियों में कर रहे हैं। यहां से फुटकर बिक्री के लिए यह सब्जियां सब्जी मंडी, फड़ों और ठेलों पर बिकने के लिए पहुंच रही हैं।
खाद्य निरीक्षक तेजबहादुर सिंह एवं नगरपालिका के सफाई निरीक्षक शमशाद अहमद ने इस स्थिति पर अनभिज्ञता व्यक्त की। खाद्य निरीक्षक ने आकस्मिक निरीक्षण कर गंदे पानी में सब्जियों को धोने से रोकने की बात कही। उधर, सफाई निरीक्षक ने नालों का पानी मालन नदी में डालने से रोकने के लिए अधिशासी अधिकारी एवं अवर अभियंता से योजना बनाकर नालों का रूट अन्यत्र डायवर्ट करने के प्रयासों की बात कही।