संवाद न्यूज एजेंसी
धामपुर। गन्ना समिति के गोदामों में पिछले एक माह डीएपी-एनपीके खाद नहीं है। किसानों का कहना है कि गेहूं की बुवाई चल रही है। ऐसे में किसानों को डीएपी-एनपीके खाद की आवश्यकता है। खाद्य न होने से समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
भारतीय किसान यूनियन के पूर्व तहसील अध्यक्ष चौधरी राजेंद्र सिंह और महेंद्र सिंह ने बताया कि गन्ना समिति के अंतर्गत करीब सात से ज्यादा खाद गोदाम हैं। मगर, किसी भी गोदाम में खाद नहीं है। गेहूं की बुवाई के लिए डीएपी और एनपीके खाद की आवश्यकता है। ऐसी स्थिति में किसानों को बगैर उर्वरकों के ही गेहूं की बुवाई करने के लिए विवश होना पड़ रहा है।
इसके लिए उन्होंने कई बार एससीडीआई अमित कुमार पांडेय और गन्ना समिति के विशेष सचिव मनोज कुमार को अवगत कराया। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई है। किसानों में असंतोष पनप रहा है। किसान हर रोज गोदामों से बगैर खाद के लौट रहे हैं। चेतावनी दी कि जल्दी गोदाम पर खाद उपलब्ध नहीं हुआ तो कार्यकर्ता गन्ना समिति के अधिकारियों के खिलाफ आंदोलन प्रदर्शन करेंगे।