संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। कादरपुर जसवंत आरक्षित वन क्षेत्र अभयारण्य में वन भूमि पर अतिक्रमण कर रखा था। सोमवार को वन विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए 480 बीघा जमीन कब्जामुक्त कराई। साथ ही वन विभाग की भूमि कब्जाने के मामले में सात लोगों के खिलाफ वन अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया।
डीएफओ ज्ञान सिंह के निर्देशन में वन विभाग की टीम सोमवार को कादरपुर जसवंत आरक्षित वन क्षेत्र राज्य वन्य जीव बारहसिंगा अभ्यारण्य रेंज पहुंची। टीम के पहुंचने पर वहां जोताई कर रहे लोग मौके से फरार हो गए। इनमें एक की पहचान रितिक पुत्र चंद्रशेखर के रूप में हुई।
चंद्रशेखर एक माह से वन भूमि की जुताई करने के मामले में जेल में बंद है। टीम मौके से दो ट्रैक्टर कब्जे में लेकर कार्यालय ले आई। जोताई की गई भूमि के जीपीएस लेकर उसका मिलान अभ्यारण्य की केएमएल फाइल से किया गया। इसमें भूमि आरक्षित वन अभ्यारण्य के शेखपुर चमरा मौजे में पाई गई।
कार्रवाई करते हुए प्रीति रानी पत्नी चंद्रशेखर, रितिक पुत्र चंद्रशेखर, महेश पुत्र श्याम सिंह, महीपाल पुत्र ब्रजपाल, संदीप पुत्र रामकुमार, समीर पुत्र रामकुमार, विकास के खिलाफ वन अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। इन्होंने वन भूमि तोड़ने, अभ्यारण्य में आग लाकर प्राकृतिक वनस्पति को जोताई के लिए साफ करने, वन्य जीवों की स्वतंत्रता में बाधा उत्पन्न करना, अभ्यारण्य में अवैध प्रवेश करना आदि अपराध किया है।
टीम में पाल सिंह, वन दरोगा रूचित चौधरी, वन रक्षक मोहित कुमार, संजय सिंह राणा आदि मौजूद रहे।