पशुपालन के लिए नौ हजार किसानों ने मांगा ऋण
बिजनौर। दूध के दाम कम होने के बाद भी किसानों के लिए दुग्ध उत्पादन अब भी सबसे पसंदीदा सहायक व्यवसाय बना हुआ है। किसानों को दुग्ध व्यवसाय व पशुपालन में सहायता देने के लिए केंद्र सरकार आत्मनिर्भर भारत अभियान में केसीसी की तर्ज पर ऋण उपलब्ध करा रही है। बैंकों द्वारा किसानों के पास जमीन कम होने के बाद भी तीन लाख तक का ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए अब तक नौ हजार से अधिक किसानों ने आवेदन किया है।
कोरोना संकट काल में आर्थिक गति बनाए रखने के लिए सरकार ने 20 लाख करोड़ रुपये के पैकेज का एलान किया था। इसमें किसानों को दुग्ध उत्पादन के लिए ऋण की घोषणा की गई थी। किसानों की जमीन पर बैंकों द्वारा किसान क्रेडिट कार्ड बनाकर ऋण दिया जाता है। किसान कार्ड पर तीन लाख रुपये तक का ऋण लेने वालों किसानों को शत प्रतिशत कर्ज ब्याज सहित चुकाने पर ब्याज में तीन प्रतिशत तक की छूट दी जाती है। आमतौर पर बैंक नए किसानों को एक बीघा जमीन पर दस हजार रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराते हैं। नए किसान कार्ड पर तीन लाख तक के ऋण के लिए 30 बीघा जमीन की जरूरत होती है।
जिन किसानों के पास कम जमीन होती है, उन्हें सरकार ने तीन लाख रुपये तक का ऋण पशुपालन के लिए देने का एलान किया है। इसके अंतर्गत किसी के पास आठ-दस बीघा जमीन है और उसका किसान कार्ड एक-सवा लाख रुपये तक का बना हुआ है तो ऐसे उपभोक्ताओं को बैंक तीन लाख तक का ऋण पूरा कराएगा। पशुओं की संख्या के आधार पर ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार की मंशा है कि किसानों को ज्यादा ब्याज न देना हो और उन्हें सब्सिडी का लाभ भी मिल जाए। पराग से जुड़ं किसान पराग को व बाकी किसान पशुपालन विभाग के अस्पतालों में इस संबंध में फार्म भरकर जमा करा सकते हैं। जिले में अब तक नौ हजार से ज्यादा फार्म जमा किए जा चुके हैं। ये फार्म पशुपालन विभाग की ओर से सीधे बैंकों को भेज दिए जाएंगे।
जमीन होना अनिवार्य
योजना का लाभ लेने के लिए किसान के पास खेती की जमीन होना अनिवार्य है। काफी लोग ऐसे होते हैं जिनके पास जमीन नहीं होती है, लेकिन वे पशुपालन करते हैं। ऐसे पशुपालक भी योजना में आवेदन कर रहे हैं, लेकिन उन्हें योजना का लाभ नहीं मिलेगा। योजना का लाभ लेने के लिए नाम पर जमीन दर्ज होना अनिवार्य है।
हर रोज आ रहे सैकड़ों फार्म
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. भूपेंद्र सिंह का कहना है कि योजना में हर रोज सैकड़ों आवेदन आ रहे हैं। किसान पशुपालन विभाग के अस्पताल में फार्म जमा कर सकते हैं। वहीं, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक सुनील ग्रोवर का कहना है कि जमीन वाले किसान ही योजना के लिए आवेदन करें। पात्र किसानों को योजनाओं का लाभ दिलाया जाएगा।